इंटर मूल्यांकन मानदेय के लिए तरस रहे गुरुजन
#बरुणेश आनन्द बरुण की रिपोर्ट :
सिवान -: इंटरमीडिएट परीक्षा 2018 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले अंग्रेजी विषय के शिक्षको का मानदेय भूगतान नहीं होने के कारण एक तरफ जहाॅ वो धनराशि के लिए तरस रहे हैं वही केन्द्र द्वारा उनके साथ किया जा रहा शौतेला ब्यवहार दिन प्रतिदिन बढता ही जा रहा है ज्ञात हो परीक्षा समिति ने नहीँ केवल गुरूजनो से मूल्यांकन का कार्य करवाया अपितु मूल्यांकन के आधार पर परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिया वही दुसरी तरफ मूल्यांकन कार्य करने वाले शिक्षको को उनका मानदेय भुगतान नहीं किया जा सका है इस तथ्य की सूधी लेनेवाला कोई नहीँ है, सूत्रो की माने तो शिक्षक नेताओ सहित कुछ अन्य सक्रिय शिक्षको के मानदेय का भुगतान केन्द्र द्वारा ससमय कर दिया जाता है जिससे वे अपने को दरकिनार कर लेते हैं वही सामान्य शिक्षको से मानदेय देने के लिए केन्द्र कर्मचारियों द्वारा कुछ सुविधा शुल्क की मांग की जाती है अन्यथा की दशा में टरकाते हुए अन्ततः कुछ का भूगतान अधिकतम मानदेय काट कर तो कुछ का भूगतान नहीं किया जाता है, नाम नहीं छापने की शर्त पर शिक्षकों ने कहा कि शिकायत किससे करे, स्थिति यही है कि शेर की गल्ले में घंटी कौन बाधेगा जो होता है बर्दाश्त करना पङता है .केन्द्र कर्मचारी तो यहा तक कहते हैं कि ज्यादा चालाक बनने वाले का हाथ काट दिया जाएगा जिससे वह हमेशा के लिए मूल्यांकन कार्य से बंचित हो जाएगा इसी भय के कारण कोई शिक्षक शिकायत नहीं करता है,
जिला में इंटर मूल्यांकन के लिए दो केन्द्र बनाए गए थे डीएवी कॉलेज व इस्लामिया कालेज , परीक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार मूल्यांकन कार्य करने वाले सभी शिक्षकों के मानदेय का भुगतान दस प्रतिशत काट कर मूल्यांकनोपरान्त तुरंत कर देना था. दस प्रतिशत मानदेय परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अन्त में करने की बात कही गई थी किन्तु अंग्रेजी विषय के मूल्यांकन करनेवाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को मूल्यांकन का भुगतान डीएवी केन्द्र द्वारा नहीँ किया गया है शिक्षकों का कहना है डीएवी केन्द्र पर पूर्व से ही अंग्रेजी के शिक्षको के साथ शौतेला ब्यवहार किया जाता है , मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों से प्रतिदिन ब्यवहृत कापी के बंडलो को नीचे से ऊपर धुलवाकर अतिरिक्त कार्य लिया जाता है वही विषय शिक्षको की संख्या कम होने के कारण मूल्यांकनोपरान्त धनराशि देने के नाम पर परेशान किया जाता है पूर्व से ही राशि देने में ढूलमूल रवैया अपनाया जाता है सामान्यतया नवंबर दिसंबर तक भूगतान मिलता है जो नहीँ ले पाते उन्हे जनवरी में रिटर्न हो जाने की बात बताई जाती है किसी भी सत्र में इन शिक्षको को ससमय मानदेय नहीँ मिलता है, जिला में बने दो केंद्रों में से इस्लामिया कालेज ने मूल्यांकन में लगे शिक्षकों का भुगतान कर दिया है. वहीं डीएवी केन्द्र पर इंटर की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करनेवाले किसी शिक्षक को इस राशि का भुगतान नहीं हुआ है.
मामले के बारे में केन्द्राध्यक्ष अजय पङित ने कहा कि धनराशि समाप्त हो जाने के कारण अंगरेजी के शिक्षको का मानदेय भूगतान नहीं किया जा सका है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को सूचना दी जा चूकी है रुपये प्राप्त होने के उपरांत भूगतान कर दिया जाएगा
विचित्र पहलू
मामले का विचित्र पहलू यह है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी की माने तो उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के मानदेय का भुगतान महिनो पहले किया जा चुका है. वही डीएवी कॉलेज केन्द्र के इंटर परीक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए अभी कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही है . कार्यालयाधीक्षक व केन्द्राध्यक्ष हमेशा की तरह अगले सप्ताह में भूगतान करने की बात कहते हैं । ऐसे में परीक्षकों में रोष होना स्वाभाविक है. इस मामले में ग्रीष्मावकाश की छुट्टी आ जाने से पुनः भूगतान का कार्य टल गया है ।




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