
अतीशा ने प्रस्तुत की प्रशंसनीय एकल नृत्य प्रस्तुति
ऽ अमनौर की अतीशा केन्द्रीय मंत्री श्री रुडी की पुत्री है।
ऽ सन 2014 ढ़ाका में अंडर 16 राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम की है सदस्य
ऽ केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू व श्री महेश शर्मा ने दिया आशिर्वाद
छपरा, 16 मई, 2017
बुधवार को पद्म भूषण डॉ राजा राधा रेड्डी और कौशल्या रेड्डी की शिष्या और अमनौर, सारण की बेटी अतीशा प्रताप सिंह ने नई दिल्ली के कमानी सभागार में अपनी पहली एकल कुचिपुड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी। रंगप्रवेशम नृत्य की विधा में अतीशा ने सुर संग लय गति के कई रंग बिखेरे। नृत्य नाटिका के माध्यम से गणपति वंदना के बाद अतीशा ने अपनी भाव भंगीमा से विष्णु के दशावतारों को दर्शाया। अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीतने वाली अतीशा के नृत्य में कदमों की ताल के साथ-साथ चेहरे के हाव-भाव के अदभूत सामंजस्य देखने को मिला। मालूम हो कि सन 1502 ईस्वी के आस पास भारत की प्रसिद्ध नृत्य शैली कुचिपुड़ी का इतिहास दक्षिण भारत से शुरू होता है जो अब विश्वव्यापी हो गया। इसीलिए इस भारतीय शास्त्रीय नृत्य में कर्नाटक संगीत और द्रविड़ शैली का समिश्रण मिलता है। तब से लेकर अब तक इसमें कई परिवर्तन हुए लेकिन भारत का यह शास्त्रीय नृत्य देश-विदेश में प्रसिद्ध और लोकप्रिय है। आशा है कि अतीशा इस कुचिपुडी़ नृत्य को और उंचाई पर ले जायेगी। उसकी पहली प्रस्तुति ने हीं उसकी ताल, छन्द, लय और कदमों की हरकत का बेजोड़ सामंजस्य प्रस्तुत किया जो दर्शकों की करतल ध्वनी से उजागर हो रहा था।
पिछले दो तीन वर्षों में देश ही नहीं विदेशों में भी अतीशा के कौशल के विभिन्न आयाम देखने को मिले है। अतीशा ने जहां 2016 पेरिस, में नमस्ते फ्रांस समारोह में एक कुशल नृत्यांगना के रूप में कुचिपुडी नृत्य प्रस्तुत किया वहीं देश के लिए खेलने वाली एक खिलाड़ी के रूप में भी अतीशा अक्टूबर 2014 ढाका बंगलादेश मे एएफसी अंडर 16 महिला चैम्पियनशिप में भारतीय अंडर 16 राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम का सदस्य भी रही है। दिल्ली में इसके पूर्व भी अतीशा ने सन 2016 व 2017 में अभिनेत्री पर्नीया कुरैशी के साथ अपनी प्रस्तुति दी है पर, पहलीबार कल कमानी सभागार में उन्होने एकल नृत्य में अपना कौशल दिखाया। परिवार में विद्यमान उच्च शिक्षा और राजनीतिक माहौल के बावजूद उसने कला का दामन थामा और नृत्य की तकनीकी बारीकियों को सिखने के लिए पद्म भूषण डॉ राजा राधा रेड्डी और कौशल्या रेड्डी के पास गई और उनकी शिष्या के रूप में यह अपनी पहली सराहनीय प्रस्तुति दी। विदित हो कि अतीशा प्रताप सिंह के पिता श्री राजीव प्रताप रुडी सारण के सांसद सह भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री है, जबकि चाचा श्री सुधीर प्रताप सिंह एनएसजी के डीजी है।
इस अवसर पर उपस्थित अतीशा की दादी श्रीमती प्रभा सिंह व माँ श्रीमती नीलम प्रताप सिंह सहित सभी परिवारिक सदस्यों ने अतीशा को अपनी शुभकाना व आशिर्वाद दिये। वहीं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने वाले केन्द्रीय मंत्री श्री एम वेंकैया नायडू व केन्द्रीय मंत्री श्री महेश शर्मा ने अतीशा को आशिर्वाद दिया और आशा व्यक्त की कि अतीशा अपनी कला-कौशल की बदौलत देश-विदेश में नृत्य रूप के क्षितिज को व्यापक बनाएगी।





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