Θ बेतिया – आज राष्ट्रीय आज़ाद मंच द्वारा माल्यार्पण कर संयुक्त रूप से जयंती समारोह में श्रद्धा सुमन अर्पित किया

✍न्यूज इनपुट नीरज ठाकुर बेतिया (प.च) बिहार 👉राष्ट्रीय आज़ाद मंच के द्वारा भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी एंव भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर संयुक्त रूप से जयंती समारोह में श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय आजाद मंच के जिला अध्यक्ष शैलेश कुमार दुबे ने पंडित मदन मोहन मालवीय जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय जी साधारण व्यक्ति नहीं थी वह लौकिकता में रहते हुए अलौकिकता का ज्ञान रखते थे। जिनकी सोच व दिशा सामाजिक चेतना बनती थी.वैसे महापुरुष की प्रेरणा से ही हम सभी को ऊर्जा मिलती है।शिक्षा के प्रति जो उन्होंने जन जागरण अभियान चलाया उसका देश आज भी अनुश्रवण करता है.इसी कारण उनका नाम महामना पड़ा था। महामना के द्वारा केवल उपदेश नहीं दिया जा रहा था बल्कि वे उसके प्रति सजग व चेतना का कार्य करते थे। सनातन धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने एक यात्रा शुरू की थी जो शिक्षा के लोगों को आगे बढ़ाई। उनकी सोच,प्रतिज्ञा व त्याग ने बनारस को विश्व के मानचित्र पर स्थापित किया। आज उनके द्वारा स्थापित संस्था ने लाखों लोग,देश,दुनिया में परचम लहरा रहे हैं.श्री दुबे ने कहा कि महामना साधारण व्यक्ति नहीं थे। वह सतयुग थे उन्होंने समाज के वंचित,शोषित वर्गों के उत्थान के लिए संघर्ष किया जिसके बदौलत देश में केवल उनको ही महामना की उपाधि मिली व्यक्तित्व से व्यवहार बनता है इसे व्यावहारिक पक्ष से हासिल किया जाता है।वही अरुण कुमार ने कहा कि
महामना पंडित मदनमोहन मालवीय अपने हृदय की महानता के कारण सम्पूर्ण भारतवर्ष में ‘महामना’ के नाम से प्रशिद्ध हुए। पूज्य मालवीयजी को संसार में सत्य,दया और न्याय पर आधारित सनातन धर्म सर्वाधिक प्रिय था। करुणामय हृदय, भूतानुकम्पा, मनुष्यमात्र में अद्वेष, शरीर, मन और वाणी के संयम, धर्म और देश के लिये सर्वस्व त्याग, उत्साह और धैर्य, नैराश्यपूर्ण परिस्थितियों में भी आत्मविश्वासपूर्वक दूसरों को असम्भव प्रतीत होने वाले कर्मों का संपादन, वेशभूषा और आचार विचार में मालवीयजी भारतीय संस्कृति के प्रतीक तथा ऋषियों के प्राणवान स्मारक थे वहीं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी जी के जीवनी पर प्रकाश डालते विभाग संयोजक अशोक कुशवाहा ने भारत सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में राजनीति के लिए सभी को प्रेरित करने वाले घटक जी है। समय की यही मांग है कि अटल जी के बताए हुए मार्गों पर चलकर राष्ट्रहित में बहुमूल्य योगदान दे। मौके पर, श्वेता तिवारी,अलका कुमारी,प्रिया कुमारी,मनीषा कुमारी,निधि कुमारी, विशाल कुमार,रवि कुमार,राहुल कुमार सहित दर्जनों युवा उपस्थित थे।




Recent Comments