चाकूबाजी में जख्मी युवक की इलाज के दौरान पटना में मौत
दैनिक खोज खबर/बनियापुर (सारण )। थानाक्षेत्र के टोला परसा में चाकूबाजी में जख्मी युवक की मौत शुक्रवार को इलाज के दौरान पटना में हो गयी। मृतक जयप्रकाश प्रसाद कुशवाहा का बाइस वर्षीय पुत्र अनुज कुमार है। घटना के सम्बंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते 24 नवम्बर को पड़ोस में ही एक बारात आई थी। जहां कई युवक जूटे थे। वहीं बातचीत के दौरान जातिगत बातें होने लगी। इसी को लेकर नामजद युवक से नोकझोक हो गयी। हांथापाई भी हुई। लोगों के बीच बचाव के बाद मामला शांत भी हो गया था। लेकिन कुछ ही देर बाद पड़ोसी युवक राहुल कुमार पांच अज्ञात लोगों के साथ मृतक के घर आया। युवक ने जान मारने की नीयत से अनुज कुमार (मृतक) पर हमला कर दिया। युवक खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया। जख्मी युवक की चीख पुकार सुन जब पिता बचाव के लिए घर से बाहर निकला तब नामजद युवक ने पिता पर भी चाकू से हमला कर दिया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनो को अस्पताल लाया गया। मामले की प्राथमिकी 25 नवम्बर को मृतक के दादा गोविंद प्रसाद ने बनियापुर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस नामजद की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी कर रही है। हालांकि अबतक नामजद की गिरफ़्तारी नहीं होने से परिजन समेत आसपास के लोग काफी नाराज हैं। इधर युवक की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। एक तरफ पिता घायल अवस्था मे अस्पताल में भर्ती है, तो वहीं पुत्र की शव गांव लाया गया है। इस सदमे को मां बर्दास्त नहीं कर पा रही है। वह बार बार बेसुध हो जारही है।
एनएच 227 ए पर चैनपुर का रेलवे ओवरब्रिज जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
• दो साल में ही टूट-फूट ने खोली निर्माण की पोल, चार बार हुई मरम्मत भी बेअसर

दैनिक खोज खबर/मशरक (सारण)। एनएच 227 ए रामजानकी पथ पर चैनपुर स्थित रेलवे ओवरब्रिज इन दिनों अपनी जर्जर स्थिति को लेकर चर्चा में है। महज दो वर्ष पहले करोड़ों की लागत से बना यह ओवरब्रिज अब जगह-जगह से टूट चुका है, जिससे इसकी ढलाई उखड़ने लगी है और कई हिस्सों में लोहे का सरिया तक बाहर झांकने लगा है। पुल की इस खतरनाक हालत से स्थानीय लोग और नियमित आवागमन करने वाले वाहन चालक दहशत में हैं। सभी को यह डर सता रहा है कि कहीं यह पुल अचानक किसी बड़ी दुर्घटना का कारण न बन जाए। रेलवे ओवरब्रिज मशरक–महराजगंज रेलखंड के ऊपर बना है और इसकी भौगोलिक और यातायात दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। एनएच 227 ए पर स्थित यह सड़क छपरा–मशरक एसएच 90 तथा पटना–शीतलपुर एसएच 73 को जोड़ते हुए मोहम्मदपुर होकर गोपालगंज तक जाती है। इस पूरी लाइन में हजारों यात्री और सैकड़ों वाहन रोजाना गुजरते हैं। ऐसे अहम रास्ते पर पुल का इतने कम समय में जर्जर हो जाना चिंताजनक है।स्थानीय निवासी टुन्ना सिंह बताते हैं कि पुल के कई हिस्सों में इतनी तेज दरारें हैं कि दूर से ही उसकी कमजोरी साफ नजर आती है। उन्होंने कहा, “पुल को देखकर लगता ही नहीं कि यह कुछ साल पुराना है। सरिया जहां-तहां बाहर दिखने लगा है। यह किसी बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।”इसी प्रकार स्थानीय ग्रामीण सनोज सिंह उर्फ जलेबी सिंह का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बना यह पुल भ्रष्टाचार का शिकार हो चुका है। उनके अनुसार, “सरकार की योजनाओं का लाभ तभी जनता तक पहुंचेगा जब निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए। दो साल में ही पुल की ऐसी हालत देखकर साफ है कि निर्माण सामग्री घटिया स्तर की इस्तेमाल की गई।” ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पुल की पिछले दो वर्षों में लगभग चार बार मरम्मत हो चुकी है। लेकिन हर बार केवल सतही पैचवर्क किया गया, जिससे कुछ दिनों बाद स्थिति फिर से खराब हो गई। पुल के किनारों पर ढलाई उखड़ने से जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बारिश के मौसम में यह गड्ढे और गहरे हो जाते हैं, जिससे दोपहिया चालकों के फिसलने और गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। नारायणी सेवा संस्थान के समन्वयक अखिलेंद्र सिंह कहते हैं कि इस मार्ग पर बालू और गिट्टी लदे भारी वाहनों की तेज रफ्तार से आवाजाही के कारण सड़क और पुल की स्थिति और खराब हुई है। हालांकि हाल के दिनों में ओवरलोड ट्रकों पर कुछ हद तक नियंत्रण हुआ है, लेकिन पुल की कमजोर संरचना पहले ही बोझ सह पाने में असमर्थ हो चुकी थी। उन्होंने कहा, “यहां हर दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। कई लोगों के हाथ-पैर टूट चुके हैं। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो बड़ी जनहानि हो सकती है।”स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों में भी डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि रोजाना स्कूल बसें, एंबुलेंस और यात्री वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। यदि पुल अचानक बैठ जाए या कोई बड़ा हिस्सा टूटकर गिर जाए, तो बड़ी संख्या में लोगों की जान को खतरा हो सकता है।




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