👉नवचेतना इस बार अपना रिकॉर्ड स्वयं तोड़ने पर उतारू था । इस बार के दोनों अतिथि हो या आयोजन के मुख्य सूत्रधार संजय सिंह या बंगलौर से पधारे प्रियांशु हो, सभी के सभी लोग अपने बचपन को याद कर रहे थें । करें भी क्यों नहीं  ? इस बार  के अतिथि हो या फिर सूत्रधार संजय सिंह या फिर प्रियांशु, ये सभी लोग भी कभी नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के इस हाॅट सीट पर बैठने के लिए संघर्ष जो किए हुए थें । इस बार की प्रतियोगिता व फाइनल मुकाबले में पहुंचे प्रतिभागी इसारो- इसारो में ये कह रहें थें की हम आपसबों से कम नहीं है, आखिर हम आपके ही उत्तराधिकारी जो ठहरें ।👈

✍नवीन सिंह परमार 
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👉नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता 2018 के सीनियर वर्ग में इस वर्ष शशांक ने अरुण कुमार को पछाड़कर पहला स्थान प्राप्त किया । अमन कुमार तीसरे स्थान पर रहे । विकेश, सुगन्धु और मनोहर ने क्रमशः चौथा, पांचवा और छठा स्थान प्राप्त किया। वही जूनियर वर्ग में  उज्जवल आनंद इस साल के  टॉपर  रहे । प्रियांशु ने दूसरा और शिवानी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया । चौथे, पांचवे और छठे स्थान पर क्रमशः आशीष, आदिल रजा और रामकुमार रहे ।👈
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♨सीवान जिले के  शैक्षणिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला रघुनाथपुर प्रखंड के पंजवार गांव में पिछले 24 वर्ष से लगातार आयोजित हो रहे नवचेतना समान्य ज्ञान प्रतियोगिता बुधवार  को संपन्न हो गया ।
इस बार प्रतिभागी  बच्चों ने सबको चमत्कृत किया । छठ पूजा का प्रसाद गठरी में बांध कर लाये थे  । भूख लगने पर ठेकुआ खजूर खाकर पानी पी ले रहे  थे लेकिन टस से मस नहीं हो रहे थे।

इस वर्ष के प्रतिभागियों की प्रतिभा के आगे आयोजक से लेकर अतिथि तक सभी आश्चर्यचकित थें । नवचेतना इस बार अपना रिकॉर्ड स्वयं तोड़ने पर उतारू था । इस बार के दोनों अतिथि हो या आयोजन के मुख्य सूत्रधार संजय सिंह या बंगलौर से पधारे प्रियांशु हो, सभी के सभी लोग अपने बचपन को याद कर रहे थें । करें भी क्यों नहीं  ?
इस बार  के अतिथि हो या फिर सूत्रधार संजय सिंह या फिर प्रियांशु, ये सभी लोग भी कभी नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के इस हाॅट सीट पर बैठने के लिए संघर्ष जो किए हुए थें । इस बार की प्रतियोगिता व फाइनल मुकाबले में पहुंचे प्रतिभागी इसारो- इसारो में ये कह रहें थें की हम आपसबों से कम नहीं है, आखिर हम आपके ही उत्तराधिकारी जो ठहरें ।
गौरतलब हो कि इस बार नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले के अवसर पर अतिथि थें, BHU में इतिहास विभाग के  असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर लक्ष्मीकांत सिंह व बिहार सरकार में BPSC के द्वारा  चयनित सब रजिस्ट्रार अम्बुज कुमार कुणाल । दोनों अतिथि कभी इस प्रतियोगिता के प्रतिभागी व टाॅपर रहें हुए हैं । 
अतिथियों व उपस्थित गण्यमान्य लोगों ने   दीप प्रज्वलित कर के नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के 24 वें संस्करण का उद्घाटन किया ।
दीप प्रज्ज्वलन से आयोजन की शुरुआत हुई । अध्यक्षता अनुज  ने की । मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद था एक और अनुज-  । एक  दूसरा बी पी एस सी से  ।  दोनों नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के पूर्व प्रतिभागी और पुरस्कार विजेता रह  चुके हैं ।

गुरूजी घनश्याम शुक्ल व उनके शिष्यों की चौबीस सालों की तपस्या का प्रतिफल सामने था। बता दे कि देश में  प्रतिभा तराशने और विकसित करने की बेशक कोई फैक्ट्री नहीं हैं,   लेकिन बिहार राज्य के सीवान जिले के पंजवार में गुरुजी घनश्याम शुक्ल के मार्गदर्शन में पिछले 24 वर्ष से लगातार आयोजित हो रहें ” नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता”  कि ओर देखकर इस मान्यता पर से विश्वास डिगने लगता है । 
आखिर, क्यों न डिगे  ? जब इस वर्ष के  सीनियर ग्रुप का विजेता जब भरी हुई आंख और लड़खड़ाती जबान से कहता है कि दो साल पहले मैं इस  मंच पर आने से चूक गया था । मेरा एक ही सपना रह गया था । आज वो सपना पूरा हुआ । मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मेरे हाथ का प्रमाण पत्र और गले में टंगा मेडल नवचेतना क्विज में प्रथम आने के लिए मिला है ।
बता दे की इस बार जूनियर ग्रुप के लिए  प्रश्नों की पोटली रमेश और आशुतोष के पास थी । डेढ़ घंटे तक सवाल जवाब का सिलसिला चला । उज्जवल आनंद इस साल के  टॉपर  रहे । प्रियांशु ने दूसरा और शिवानी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया । चौथे, पांचवे और छठे स्थान पर क्रमशः आशीष, आदिल रजा और रामकुमार रहे । वही  सीनियर ग्रुप की प्रतिस्पर्धा में शशांक ने अरुण कुमार को पछाड़कर पहला स्थान प्राप्त किया । अमन कुमार तीसरे स्थान पर रहे । विकेश, सुगन्धु और मनोहर ने क्रमशः चौथा, पांचवा और छठा स्थान प्राप्त किया ।सीनियर ग्रुप में  क्विज मास्टर की भूमिका संतोष और प्रियांशु ने  निभाई ।
इस वर्ष नवचेतना के इस फाइनल  मुकाबले में कई बार बहुत ही अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिलें, प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त कर कोई प्रतिभागी फूले न समा रहा था तो कोई जब  दो- चार अंक कम आने के कारण मंच से वंचित नौनिहाल फूट फूट कर रोते हुए नवचेतना मंच को ललकारते हुए कह रहा था कि ” हैं  मंच ! तू हमारे धैर्य की परीक्षा ले, हम तुम्हारी निर्दयता की सीमा लांघकर तुम्हारे ऊपर  अगली बार   सवारी करेंगे ।” 

कुल मिलाकर पंजवार का नवचेतना सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का 24 वां संस्करण अपने स्वर्णिम इतिहास को दोहराते हुए बुधवार को  संपन्न हुआ ।
गौरतलब हो कि अगला साल आयोजन का पच्चीसवां साल होगा ।नवचेतना समिति,  पंजवार ने इस आयोजन को नवचेतना महोत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है  । यह महोत्सव एक सप्ताह तक चलेगा । क्विज के साथ साथ डिबेट, भाषण, निबंध,खेल और नाट्य प्रतियोगिताएं भी होंगी । मंच से गुजर चुके महारथियों का जमावड़ा होगा । सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे । संजय सिंह के शब्दों में कहें तो ” पंजवार अपनी सांस्कृतिक और शैक्षिक पहचान को एक कदम और आगे ले जायेगा ।”