✍दैनिक खोज खबर सेन्ट्रल डेस्क

🌞सीवान / पटना : सुशासन बाबू के के मंत्रीमंडल के एक और सदस्य धोखाधड़ी के मामले में फंसते जा रहे है । नीतीश मंत्रीमंडल के परिवहन मंत्री चंद्रिका राय का परिवार सीबीआई के लपेटे में आ गया है । चंद्रिका राय के भाई विधान चंद राय समेत कइयों के खिलाफ सीबीआई की पटना यूनिट ने एफआईआर दर्ज कर लिया है । बैंक के साथ बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की धोखाधड़ी आरोप है . चंद्रिका-विधान बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री स्व. दारोगा प्रसाद राय के पुत्र हैं ।

सीबीआई ने यह एफआईआर मंगलवार 18 जुलाई को दर्ज की है . दर्ज एफआईआर में विधान चंद राय की पत्नी कविता राय और उनके कारोबारी फर्म सोनाली ऑटो प्रा. लिमिटेड को भी अभियुक्त बनाया गया है . सोनाली ऑटो बंद होने के पहले पटना में महिन्द्रा की गाडि़यों की सबसे बड़ी एजेंसी थी . साथ में,यूनियन बैंक आफ इंडिया के पटना मेन ब्रांच के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर अरविंद नारायण सिंह और सीनियर मैनेजर (क्रेडिट) कुमार आनंद व अन्य अज्ञात को नामजद किया गया है . यह अपराध साल 2016 में किया गया है .
विधान चंद राय की धोखाधड़ी की शिकायत सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच को भरोसेमंद सूत्रों से प्राप्त हुई थी,जिसके बाद प्रारंभिक जांच हुई और अब प्रक्रिया के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है . दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि विधान चंद राय की आटोमोबाइल एजेंसी सोनाली ऑटो को बैंक से 43 करोड़ रुपये के ओवरड्राफ्ट की फैसिलिटी मिली हुई थी . पर,यह एकांउट गड़बड़ हो गया था . एकांउट को ठीक रखने के लिए बैंक अधिकारियों ने विधान चंद राय की मिलीभगत से कई तरीके का गलत खेल किया .
एफआईआर में बताया गया है कि बिना जरुरी डॉक्यूमेंट्स के बैंक अधिकारियों ने जनवरी 2016 में सुधीर कुमार के नाम 470 लाख रुपये का लोन निर्गत कर दिया . बाद में,जालसाजी इतनी हुई कि सुधीर कुमार और कौशल्या देवी के नाम बचत खाता बिना एकांउट ओपनिंग फार्म और केवाईसी के खोला गया . फिर इस एकांउट के माध्यम से सोनाली ऑटोमाबाइल्स के खराब होते लोन एकांउट को ठीक रखने के लिए कई सारे ट्रांजेक्शंस हुए . बिना दस्तखत के भी रुपये ट्रांसफर होते रहे . मुंबई के बैंकों तक खेला चला .
सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में ही यह पता किया कि फर्जी लोन-फर्जी एकांउट का सीधा संबंध विधान चंद राय की ऑटोमोबाइल एजेंसी से है . कारण यह कि बाद में इस एकांउट में रुपये सोनाली ऑटो के दूसरे डायरेक्टर अभिषेक राय के खाते के माध्यम से भी जमा कराया गया . प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने डीएसपी के के सिंह को कांड में आगे का अनुसंधान व कार्रवाई करने को जांच अधिकारी नियुक्त किया है .

👉साभार : . लाइव सिटीज न्यूज वेबपोर्टल




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