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स्वतंत्र भारत की लोकतांत्रिक राजनीति के सबसे सफल व ओजस्वी वक्ता, पत्रकार व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की सूचना मिलते ही पुरे विश्व में फैले उनके समर्थकों के बीच मायूसी फैल गया । अटल जी के निधन की सूचना मिलते सीवान की प्रसिद्ध स्वयंसेवी संस्था ” प्रयास वेलफेयर ट्रस्ट ” ने गुरुवार की सायंकाल शहर के मालवीय नगर स्थित अपने कार्यालय में एक शोकसभा आयोजित कर के उन्हें श्रद्धांजलि दी । इस मौके पर श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने अटल जी के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर के उन्हें श्रद्धांजलि दी ।सभा की अध्यक्षता करते हुए  ” प्रयास ” के अध्यक्ष नीलेश वर्मा नील ने कहा कि अटल जी की असामयिक निधन से हम सभी मर्माहत हैं ।आज वह वीराट व्यक्तित्व तो चला गया लेकिन उनका कृतित्व व्यक्तित्व हमेसा अटल रहेगा। ईश्वर उन्हें स्वर्ग में स्थान तो देंगे ही  इस बिछोह को सहने की शक्ति भी सबको दे यही प्राथर्ना है। सत् सत् नमन हे मौन तपस्वी।वहीं अमित सोनी व भास्कर रंजन का कहना था कि हमारे अटल जी राजनीति में रहने के बाद भी आजाद शत्रु राजनेता  व  सम्पूर्ण मानव थें । उन्होंने  जीवन के सभी क्षेत्रों एक शानदार  मापदंड स्थापित किया हैं जो आनेवाले समय में एक प्रकाशपूंज बनकर हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा । अपना शोक व्यक्त करते हुए डाक्टर सुधीर कुमार सिंह व सतीश दूबे ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी अपने जीवन का प्रत्येक पल  राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।लेकिन वो हमें कहकर गए हैं- 
“मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं 
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं,
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूं?”


 इस मौके पर अपनी श्रद्धांजलि देते हुए पंकज गुप्ता व राजेश प्रसाद ने कहा कि ओजस्वी वक्ता,भारत रत्न, जनकवि व अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से मां भारती को विश्व में गौरवान्वित करने वाले भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष महान जननेता  पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन से प्रयास के सभी साथी दुखी है ।



 शोकसभा का संचालन करते हुए नवीन सिंह परमार ने कहा कि ” हार नही मानूंगा रार नही ठानूंगा काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूँ इस पंक्ति को लिखने वाला अजात शत्रु हर दिल अजीज भारत रत्न  कुशल राजनीतिज्ञ कवि हृदय उद्भभट्ट विद्वान् महामानव पण्डित अटल विहारी वाजपेयी आज काल से हार गए।”







 इस मौके पर प्रशांत श्रीवास्तव व पुनीत कुमार ने कहा कि पोखरण, स्वर्णिम चतुर्भुज ,कारगिल विजय
जैसे दूरगामी प्रभाव वाले कार्यो के लिए हमारे अटल जी हमेशा याद किए जाएंगे । श्रद्धांजलि सभा की सारी व्यवस्था प्रयास के स्वयंसेवक अक्षत नील ने किया ।