बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ने “धरतीपुत्रों”को लगाई ढाई अरब रूपये की चपत
राकेश फौजदार 
भरतपुर, 24अप्रैल , हिंदुस्तान का अन्नदाता किसान को कहा जाता है लेकिन इन अन्नदाता का ही आर्थिक शोषण हो रहा है और विभिन्न जनप्रतिनिधि और बैंक अधिकारी संदिग्ध चुप्पी साधे बेठे हुए हैं और राजस्थान में बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा करोडो रूपये की चपत लगाई जा रही हैं
आंकड़ो का अजीबोगरीब गणित
राजस्थान मे धरतीपुत्रों के लिए और आमजन के लिए बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की 21 जिलो में 783 शाखाएं संचालित की जा रही है इन शाखाओ द्वारा करीब 7 लाख किसानो को किसान कार्ड ऋण दे रखा है ग्रामीण बैंक द्वारा प्रत्येक किसान से प्रोसेसिंग व निरीक्षण के नाम पर लगभग 2000 रुपये शुल्क प्रतिवर्ष वसूला जा रहा है जो प्रतिवर्ष बैंक के करोडो रुपयो की कमाई का जरिया बन गया है
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार किसान कर के ऋण पर किसी भी प्रकार का शुल्क ब्याज के अलावा नहीं वसूला जाये इस बैंक के अलावा अन्य बेंको में 5 वर्ष के लिए 220 रूपये का शुल्क किसान से लिया जाता है
उक्त बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष 2016 में किसानो से प्रोसेसिंग और निरिक्षण के नाम से 44 करोड़ 50 लाख का मुनाफा कमाया गया वही आयकर विभाग को भी 23 करोड़ 55 लाख का इन्कम टैक्स भी दिया गया इसी प्रकार 2015 में भी 127 करोड़ 42 लाख का मुनाफा कमाकर आयकर विभाग को 65 करोड़ 61 लाख रूपये का इन्कम टैक्स दिया
एक सामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार उक्तलिखित बैंक ने 2013 से 2016 तक 30 लाख किसानो से लगभग 250 करोड़ यानि ढाई अरब रूपये की वसूली प्रोसेसिंग और निरिक्षण के नाम पर की गई बैंक द्वारा 2 लाख के किसान कार्ड पर 0.5प्रतिशत 2 लाख से अधिक के लिए 0.25प्रतिशत और इसके अलावा हर 6 माह मे 575 रूपये निरिक्षण शुल्क के नाम से असंवेधानिक तरीके से वसूल किये जा रहे है
यही नही किसान कार्ड का बिमा भी उक्त बैंक अपनी मर्जी के अनुसार किसानो को बिना बताये बीमा करवाता है बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के निर्देशक मंडल द्वारा अपनी मनमर्जी से निर्णय लेकर किसानो का आर्थिक शोषण किया जा रहा है वही भारतीय रिजर्व बैंक की गाइड लाइन की पालना भी नहीं की जा रही हे उक्त बैंक बड़ौदा बैंक के अधीन संचालित किया जा रहा है
बैंक ऑफ़ बड़ौदा में भी किसान कार्ड के ऋण पर 5 वर्ष के लिए 220 रूपये शुल्क लिया जाता है
भारतीय रिजर्व बैंक की गाइड लाइन के अनुसार 3 लाख तक के किसान क्रेडिट कार्ड पर 7 प्रतिशत सालाना ब्याज जिसमे से 3 प्रतिशत ब्याज राशि सरकार द्वारा पुनर्भरण कर दी जाती है 3 लाख से अधिक के किसान कार्ड पर 12.5प्रतिशत ब्याज लिया जाता हैं जिसे पाना चाँद पर पहुचने के समान होता हैं जबकि बैंक के विलय से पूर्व राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में भी 5 वर्ष के लिए 220 रूपये का ही शुल्क लिया जाता था और बैंक ऑफ़ बड़ौदा भी अपने किसान कार्ड धारको से 5 वर्षो के लिए 220 रुपये ही शुल्क वसूलता है तो फिर देश एक,किसान एक,मालिक एक तो फिर नियम अनेक क्यों?
झुंझनू में भी उठा था मुद्दा
बीते दिनों जिला कलक्टर जिला झुंझनू की अध्यक्षता में अग्रणी बेंको की बैठक संपन्न हुई थी जिस में बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा हो रही निरिक्षण व प्रोसेसिंग शुल्क के नाम से अवैध वसूली का मुद्दा उठा था जिस पर जिला कलक्टर ने किसानो को आश्वासन भी दिया था
कहाँ-कहाँ है शाखाएं संचालित
बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की राजस्थान के 21 जिलो में अजमेर,टोंक ,सीकर,सवाईमाधोपुर,कोटा,प्रतापगढ़,झुंझनू,बारा, बूंदी,डूंगरपुर,अलवर,टोंक,बांसवाड़ा,भरतपुर,झालावाड़,चुरू,दौसा, भीलवाड़ा,बीकानेर और धौलपुर जिले में संचालित की जा रही हैं।