जातिगत भेदभाव के चलते एससी एसटी के बच्चो को पोलियो की दवाई पिलाने स्वयं नहीं आती है स्वास्थय कार्यकर्ता
माधोसिंह 
बाड़मेर 2 अप्रैल। स्वास्थय विभाग की मिलीभगत का ग्रामीणों का आरोप। लम्बे समय से अनियमितताओ का चल रहा खेल साथ ही कार्यकर्ता द्वारा पोषाहार सामग्री वितरण मे अनियमितताओ का लग रहे है आरोप लेकिन सम्बन्धित विभाग मौन            
बाड़मेर के गिड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के खारडा भारत सिंह के मालासर ग्राम की आगनवाड़ी कार्यकर्ता चन्द्रकंवर पत्नी मगदान कई साल से स्वयं पोलियो की दवाई पिलाने नहीं मामला सामने आया है कारण यह है की इस ग्राम मे सबसे अधिक परिवार एससी एसटी के है जातिवादी भेदभाव के चलते वह स्वयं निम्न जातियों के घरों मे पोलियो की दवाई पिलाना उचित नहीं समझती है । इसकी खानापूर्ति के लिए उसका ससुर प्रेमदान आता है जो बच्चों को दवाई नहीं पिलाता है सिर्फ बाहर से घरों के ऊपर निशान लगा के चला जाता है ।जबकि सरकार का नियम है की कार्यकर्ता स्वयं घर घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाये और किसी भी बच्चे को वंचित नहीं रखने का आदेश दिया गया है लेकिन इस कार्यकर्ता द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही है । कई बार स्थानीय स्तर पर इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया गया लेकिन आज दिन तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता थानराज करैला व अन्य ग्रामिणो ने बताया कि इनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकाया गया इसलिए आज दिन तक इसके खिलाफ उच्च स्तर पर किसी के शिकायत करने की हिम्मत नहीं हुई। किसी जागरूक युवा ने इसकी पोल खोलने के लिए पड़ताल के लिए इस मामले की पूछताछ का वीडियो बनाया तो उसको देख लेने की धमकी दी गई है।

                     स्वास्थय विभाग खुद बिमार——- सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थय विभाग खुद बिमार लग रहा है कौन करे इस प्रकार के मामलो की जाँच । हूआ यूँ की जब  नवज्योति संवाददाता ने इस प्रकार के मामले को लेकर गिड़ा व परेऊ पीएसी मे सम्बन्धित विभाग को अवगत कराया जाता है तब एक ही होता कि हमे इस बारे मे जानकारी नही लेकिन विभाग की नजरो से बाहर ऐसा नही हो सकता जिस पर हर दिन आरोप प्रत्यारोप लगते रहते है ।
देखिये मामले का वीडियो –
महिलाओं और बच्चों को आगनवाड़ी पर पूरक पोषाहार से रखा जाता है वंचित – 
 कई महिलाओं और बच्चों ने आरोप लगाया की आगनवाड़ी कार्यकर्ता चन्द्र कंवर पिछले कई सालों से उनको पोषाहार व अन्य सरकारी योजनाओ से लाभान्वित नहीं कर रही है। महीने मे खानापूर्ति के उद्देश्य से एक या दो बार आगनवाड़ी केंद्र को खोलती है।

कार्यकर्ता पशुओं को खिलाती है आगनवाड़ी का पूरक पोषाहार 
महिलाओ ने बताया की आगनवाड़ी कार्यकर्ता चन्द्र कंवर सरकार की तरफ से मिलने वाले पूरक पोषाहार को वितरित न करके स्वयं के पशुओं को खिला देती है महीने मे एक या दो बार महिलाओ को सिर्फ खानापूर्ति के लिए पोषाहार दिया जाता है बाकी दिनों का पोषाहार वह बेचती है वह आधा अपने पशुओं को खिला देती है ।