गौनाहा:– सैकड़ों की संख्या में रमपुरवा पहुंचे बौद्धिस्ट
=पूजा अर्चना के बाद सर को कराया मुंडन
=परेशानियों को लेकर गाइड ने किया शिकायत
दैनिक खोज खबर रामायण कुमार गौनाहा संवाददाता की रिपोर्ट :-
बुधवार को हर साल की भांति सैकड़ों की संख्या में बौद्धिस्ठ अशोक स्तंभ रमपुरवा पहुंचे हैं रमपुरवा पहुंचकर बकैन,सकीना,उसान प्राणी, सुनडैव,सुनंदा आदि ने पूजा अर्चना के बाद अपने बालों को मुंडन कराया। उसके बाद वस्त्र का त्याग किया। बौद्धिस्ठो के गुरु आयांन सुजात बताया कि वो लोग प्रत्येक साल की भांति इस साल भी सैकड़ों की संख्या में थाईलैंड से चलकर रमपुरवा पहुंचे हैं । जिसमें करीब आधा दर्जन बौद्धिस्ठो ने भगवान बुद्ध के शरणागत होने के लिए अपने सर का मुंडन करवा कर पूजा अर्चना करते हुए अपने वस्त्र का त्याग किया गुरु सुयात के अगुवाई में मंत्रो उच्चारण करते हुए अशोक स्तंभ का परिक्रमण किया।
गुरु ने बताया कि भगवान बुद्ध ने भी इसी रमपुरवा में अपने राजसी वस्त्र का त्याग किया था। वहीं गाइड अजीत जायसवाल ने बताया कि 6 सालों से साल में दो बार बौद्धिस्ट थाईलैंड से चलकर लगातार आते हैं जिसमें कृंसा माता जी को जो 95 वर्ष की महिला है उन्हें यहां तक पहुंचने में काफी कष्ट होती है। कारण की मुख्य मार्ग से स्तंभ तक पहुंचने का एक मात्र सडक जो टूटा-फूटा है। बीच में एक बड़ा सा नाला है जिसे पार करने में माताजी व अन्य बौद्धिस्ठो को काफी कष्ट होता है बरसात मे यहाँ सर छुपाने का न कोई सेड न कमरा ना पानी पीने का चापाकल ना कोई बाथरुम का व्यवस्था है। आज से 6 साल पूर्व जो व्यवस्था थी आज भी वही है इतना ही नहीं गाइड ने बताया कि बेतिया रिलायंस पंप के पास सभी बौद्धिस्ठ बस रोक दिए और शौच जाना चाहा तो देखा कि शौचालय में कचरों का अंबार है। बड़ी मुसीबत से सभी बौद्धिस्ट फ्रेश हुए।
इस व्यवस्था से पूरे बिहार की तस्वीर बौद्धिस्ठो के सामने आ जाती है




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