
सड़क कें जीर्णोद्धार नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का लिया निर्णय
मांझी(सारण)चुनावी मौसम में सभी दलों के नेता मंचों पर अपने किये विकास कार्यों का जमकर प्रचार प्रसार तो कर रहे हैं पर आसन्न लोक सभा चुनाव में शामिल कोई भी प्रत्यासी मांझी विधान सभा क्षेत्र के सोनबरसा बिंतोलिया तथा रघुनाथ गिरी के मठिया गांव में पैर रखने का साहस नही दिखा रहा है। कारण यह है कि स्थानीय गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से एकता समिति के बैनर तले वोट बहिस्कार तथा नेताओं के गांव में प्रवेश पर पावंदी लगा दी हैं। तीन माह से ग्रामीणों ने वोट बहिस्कार का आंदोलन जारी रखा है।नाराज ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 73 वर्ष गुजर गये पर मांझी के आधा दर्जन पंचायत के लोगों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली मांझी जैतपुर वाया सोनबरसा सड़क का पक्की करण नही किया गया। उक्त सड़क से यात्रा करने वाले यात्रियों की रूह कांप जाती हैं। सड़क के बीचोबीच बने असंख्य गड्ढे सड़क पर बिखरे रोड़े तथा जानलेवा सड़क पुल से गुजरना मौत को दावत देने के समान है। लगभग छः किमी लम्बी सड़क पर ट्रैक्टर चलाना भी खतरा से खाली नही है। इस रास्ते से होकर लोग शव यात्रा निकालने से भी परहेज करते हैं। बताते हैं कि कई बार शव अर्थी से लुढ़क कर नीचे गिर गया। सड़क किनारे के गांवों के मरीजों को ले जाने में एम्बुलेंस तथा सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस गश्ती की गाड़ी ले जाने से भी चालक घबराते हैं। सड़क की बदहाली के कारण उक्त सड़क से यात्री रात में यात्रा करने से डरते हैं। कारण अनेक हैं।उक्त सड़क पर ही 27 माह पूर्व सांसद प्रतिनिधि आचार्य केशवानंद गिरी की अपराध कर्मियों द्वारा गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। स्व गिरी के हत्या का राज अब भी पुलिस फाइलों में धूल फांक रहा है। सांसद समेत वर्तमान उप मुख्य मंत्री सुशील कुमार मोदी आदि भाजपा नेताओं ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन भी दिया था। तब लगा था कि शायद शोक सम्वेदना के साथ साथ नेतागण सड़क का भी कायाकल्प कर देंगे।लोगों की नाराजगी का यह भी एक बहुत बड़ा कारण है। ऐसा भी नही है कि अन्य दलों अथवा प्रत्याशियों से लोग खुश हैं। लोग विरोध का मौका ढूंढ रहे हैं।इनायत पुर नसीरा लेजुआर बलेसरा दाउदपुर जैतपुर तथा सोनबरसा पंचायत के अलावा मांझी पश्चिमी तथा मांझी पूर्वी पंचायत के लगभग तीन दर्जन गांवों को यह सड़क प्रखंड मुख्यालय से जोड़ता है।

सड़क किनारे के गांव बिन टोलिया सोनबरसा जैंत पुर तथा रघुनाथ गिरी के मठिया के ग्रामीण नेताओं तथा पदाधिकारियों से बेहद नाराज हैं। मालूम हो कि वर्ष 1986 में तत्कालीन विधायक ने उक्त सड़क का पक्की करण कराने की पहल की थी। तथा सड़क की सोलिंग तथा उसपर रोड़ा बिछाया गया था। उसके बाद किसी जन प्रतिनिधि ने सड़क के निर्माण की ठोस पहल नही की। स्थानीय कमलदेव यादव उच्च विद्यालय के प्रांगण में अपने अभिनंदन समारोह में सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने मांझी जैतपुर सड़क के पक्की करण की घोषणा की थी हालांकि कतिपय कारणों से पांच वर्षों बाद भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई कार्रवाई नही की जा सकी है।




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