स्वर्गीय अशोक कुमार सिंह जी की 14 में स्मृति दिवस पर बुद्धिजीवियों ने उनके बताए राह पर चलने का लिया संकल्

नालंदा : जिले सहित पूरे देश में सामाजिक संगठनों के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाने वाले एवं सामाजिक सरोकार से हर वर्ग को हर जाति को जोड़कर संस्था संघ सहित अन्य सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले मगध समाज कल्याण प्रतिष्ठान के संस्थापक स्वर्गी अशोक कुमार सिंह जी की 14 मी स्मृति दिवस पर वक्ताओं ने 2 मिनट का मौन रखकर एवं उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें एक संस्था जगत का दिव्य पुरुष बताया इस अवसर पर जिले के आइकॉन आशुतोष कुमार मानव ने कहा कि उनका व्यक्तित्व एवं ओजपूर्ण भाषण शैली एवं कार्यों से मैं बचपन से प्रभावित रहा हूं उनके कार्यशैली आज भी प्रेरणादायक है ऐसे लोग धरती पर विरले ही जन्म लेते हैं प्रसिद्ध गायक भैया अजीत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सबके लिए यह गर्व की बात है कि नालंदा का बेटा पूरे बिहार ही नहीं भारत में सामाजिक क्षेत्रों में ऐसा कार्य कर गया जो मील का पत्थर साबित हुआ वैसे लोग कम ही होते हैं जो इतने दिनों के बाद भी लोगों के जुबान पर याद रख पाते हैं उनमें से ही एक व्यक्तित्व स्वर्गी अशोक बाबू का था डॉक्टर गोपाल शरण सिंह ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जो अपने नाम के अनुरूप ही कभी शोक संतप्त नहीं देखे गए एवं इन्होंने जो संस्थान बनाया मगर समाज कल्याण प्रतिष्ठान वह भी अपने नाम के अनुरूप अपने जमाने में पूरे देश में नहीं नहीं विदेशों के भी कई फंडिंग एजेंसी और साथ काम करके अपना नाम रोशन कर चुका है और उनका पुत्र कुमुद नालंदा के बामन तालाबों में से एक कमल के फूल के समान है जो हमेशा लोगों को प्रेरणा देने का काम करता रहा इस अवसर पर डॉ जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज के जमाने में भी स्मृति दिवस का आयोजन कर पाना सभी लोगों के लिए एक सीख देने के समान है कि हम सब जिस प्रकार से अपने पूर्वजों के धन को अपना समझते हैं उसी तरह से उनके व्यक्तित्व कृतित्व को भी फैलाना हम सबों का कर्तव्य होता है और इस तरह का कार्यक्रम से एक दूसरे से मिलने के साथ ही पुरानी यादों को ताजा करना उनके साथ बिताए हुए पल को आगे के लिए सिख के रूप में लागू करने का एक माध्यम मात्र है इस अवसर पर निरंजन कुमार सिंह स्वतंत्र कुमार मुन्ना कुमार रंजय कुमार सिंह चौहान अमरदीप भारती अवंतिका सिंहा अशोक कुमार सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जिले में एक बड़े रूप में कार्य करते हुए इनकी स्मृति दिवस मनाने में हम सबको पहल करनी चाहिए इस अवसर पर अमित कुमार पासवान सुबोध कुमार रविदास,डॉ संजय विजितवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे वही राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी से सतीश शांडिल के द्वारा भेजे गए वक्तव्य को पढ़कर भी सुनाया गया।