अमित कुमार पोद्दार बखरी बेगूसराय की रिपोर्ट:-
बाबू शिव व्रत सिंह के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उस महान स्वतंत्रता सेनानी को गुजरे आज अब 19 साल बीत चुके हैं लेकिन उनकी दिलेरी की दास्तां आज तक कोई भूल नहीं सका है आज़ादी की लड़ाई में प्रभु बाबू के नाम से विख्यात बेगूसराय जिले के बखरी अनुमंडल निवासी स्वर्गीय प्रभु नारायण प्रसाद वर्मा आज भी सभी के दिलों में जीवित है प्रभु बाबू वह शख्सियत हैं जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजी हुकूमत की नीव हिला कर रख दी थी लेकिन आजादी के बाद जब स्वतंत्रता सेनानी पेंशन के कागजात आए तो यह कहते हुए वापस लौटा दिया उन्होंने कि मैंने देश की सेवा आजादी के बाद सुविधा प्राप्त करने के लिए नहीं की थी बल्कि देश के लिए अपने फर्ज को निभाया था बखरी की जनता कहते हैं कि लोग पंचायत में पंच की बात से सहमत नहीं होते थे तब वह सीधे प्रभु बाबू के पास आते थे प्रभु बाबू के दरवाजे पर हर किसी को इंसाफ मिलता था फिर चाहे वह गरीब हो या अमीर हिंदू हो या फिर मुसलमान उनकी नजरों में हर कोई बराबर था प्रभु बाबू का निधन 27 मई 1998 को हुआ था यह वह दिन था जब बखरी में शोक की लहर दौड़ चुकी थी यह बखरी की जनता के लिए बहुत बड़ा नुकसान था क्योंकि प्रभु बाबू ने बखरी की जनता की हर जरूरतों को पूरा किया जिसमें वह बहुत हद तक सफल भी रहे बखरी बाजार समिती बालिका उच्च विद्यालय गौशाला पुस्तकालय धर्मशाला आदि उन्हीं की देन है 
देश बटवारे के के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाने के बाद आजाद देश का सपना तो साकार हो गया लेकिन हर किसी को बराबरी का हक दिलाने की उनकी लड़ाई उसके बाद भी जारी रही  । बखरी से निकलकर बेगूसराय तक हर व्यक्ति प्रभु बाबू के नाम से वाकिफ था प्रभु बाबू आजादी की लड़ाई के दौरान कांग्रेस के साथ रहें क्योंकि उस समय कांग्रेस की पहचान आजादी की लड़ाई के लिए बनी संगठन के रूप में थी आजादी के बाद जब महात्मा गांधी ने भारत का विभाजन स्वीकार कर लिया था तब प्रभु बाबू ने अपना रास्ता कांग्रेस से अलग कर लिया क्योंकि वह देश के बटवारे के सख्त खिलाफ थे कांग्रेस से वैचारिक मतभेद होने के बाद उन्होंने RSS के साथ मिलकर समाज को एक नई दिशा देने की कवायद शुरु की वह RSS के तहसील संघ चालक भी रहें इतना कुछ होने के बावजूद उन्होंने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा नहीं कभी किसी पार्टी में अपनी पहचान बनाने की कोशिश की ।वही इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बखरी के विधायक श्री उपेंद्र पासवान बखरी नगर पंचायत के उपमुख्य पार्षद दिनेश पाठक समाजसेवी बैद्यनाथ केसरी साहित्यकार और कवि राजबल्लभ राठौड़ कांग्रेस नेता कमलेश कंचन राजद नेता मनोहर केसरी भाजपा के अनिरुद्ध केसरी अंकित सिंह भोला चौधरी वरिष्ठ पत्रकार विकास वर्मा राजद के बखरी प्रखंड के अध्यक्ष सुरेश यादव ना कोठी प्रखंड अध्यक्ष जनार्दन यादव  प्रभु बाबू के पुत्र रविंद्र प्रसाद वर्मा उनके पोते विकास वर्मा प्रकाश वर्मा रोहन वर्मा सहित कई बखरी वासी इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उन्हें पुष्प  अर्पित कर कार्यक्रम में शामिल हुए हैं