सोनपुर। जमीन, प्लॉट और फ्लैट की रजिस्ट्री अब पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो गई है। बिहार सरकार की नई पेपरलेस निबंधन प्रणाली के तहत सोनपुर निबंधन कार्यालय में पूरी तरह डिजिटल रजिस्ट्री की शुरुआत कर दी गई। इसके साथ ही सोनपुर, सारण प्रमंडल का पहला ऐसा निबंधन कार्यालय बन गया है, जहां यह आधुनिक व्यवस्था लागू हुई है।
जिला अवर निबंधक गणेश कुमार चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारम्भ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पेपरलेस निबंधन व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होने के कारण दस्तावेजों में जालसाजी की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
सोनपुर अवर निबंधक नरेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि
नई प्रणाली के तहत अब जमीन की खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री पुरे कागजात की जरूरत नहीं पड़ेगी. रजिस्ट्री के लिए 5–6 पन्नों की मोटी डीड तैयार कराने की आवश्यकता नहीं होगी। दस्तावेज केवल 1 से 1.5 पेज में तैयार होगा। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और ओटीपी के माध्यम से पहचान की पुष्टि होने के बाद पूरी प्रक्रिया मात्र 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर डाउनलोड लिंक भेज दिया जाएगा। लिंक के माध्यम से दस्तावेज की डिजिटल प्रति प्राप्त की जा सकेगी। अब दस्तावेज लेने के लिए बार-बार निबंधन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को घर बैठे सुविधा
बिहार निबंधन नियमावली-2026 के तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को विशेष सुविधा दी गई है। ऐसे लोगों के लिए निबंधन विभाग की टीम घर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगी, जिससे उन्हें कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेग.
उन्होंने बताया कि अब पारंपरिक कातिब की जगह सेवा प्रदाता दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन निबंधन कार्यालय को भेजेंगे। जांच पूरी होने के बाद डिजिटल माध्यम से रजिस्ट्री की जाएगी। स्टांप विक्रेता भी सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेंगे और उन्हें डीड तैयार करने का अधिकार रहेगा।
उन्होंने बताया कि अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और कहीं भी कलम से हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी। रजिस्ट्री से पहले संबंधित जमीन का स्थलीय सत्यापन किया जाएगा। संतुष्टि मिलने के बाद ही निबंधन की प्रक्रिया पूरी होगी। खरीदार और विक्रेता दोनों को आधार संख्या और ओटीपी के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। जिन लोगों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है या जो ओटीपी प्रक्रिया का उपयोग नहीं कर सकते, उन्हें भौतिक सत्यापन के लिए स्वयं निबंधन कार्यालय में उपस्थित होना होगा।
अधिकारियों के अनुसार इस नई प्रणाली को लागू करने के लिए पिछले एक सप्ताह से लगातार तैयारी की जा रही थी। सफल परीक्षण के बाद शनिवार को इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही सोनपुर अवर निबंधन कार्यालय सारण प्रमंडल का पहला कार्यालय बन गया, जहां पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली लागू की गई है। पेपरलेस प्रणाली से फर्जीवाड़े की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। आधार और ओटीपी आधारित सत्यापन से पहचान पूरी तरह सुरक्षित होगी तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनेगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी सुधारों में सोनपुर पहले भी अग्रणी रहा है और अब पेपरलेस निबंधन लागू होने से कार्यालय ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
इस मौके पर विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग उपस्थित रहे।