
गरखा (सारण)।प्रखंड के मौजमपुर में आयोजित सात दिवसीय लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के पांचवें दिन आध्यात्मिक वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रयागराज से पधारीं कथावाचिका निकेता त्रिपाठी ने अपने प्रवचन में सनातन धर्म के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सच्चा सनातनी वही है, जो प्रतिदिन अपने मस्तक पर तिलक धारण करता है।

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मानव सेवा ही धर्म का मूल
कथावाचिका ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर की भक्ति के साथ-साथ मानव मात्र के प्रति प्रेम और उदारता रखना ही धर्म का सही मार्ग है। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि वे दूसरों की छोटी गलतियों को नजरअंदाज कर उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग करें। उन्होंने कहा, “यह दुर्लभ मानव जीवन हमें परोपकार और लोक कल्याण के लिए मिला है, जिसे हमें तन, मन और धन से सार्थक बनाना चाहिए।”

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आस्था का सैलाब और भव्य झांकियां
महायज्ञ के दौरान उमड़ रही भक्तों की भीड़ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है। कथा समापन के बाद प्रस्तुत की जाने वाली आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जिन्हें देखकर भक्त मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। वहीं, दिन के समय मानस मंडली के संयोजक अभिमन्यु पांडेय और उनकी टीम द्वारा सुरीले अंदाज में सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है।
आसपास के गांवों से जुट रहे श्रद्धालु
इस महायज्ञ में मौजमपुर, धनौरा, संठा, हंसकरी, कंसदियर, बलुआं रामूटोला, कोठियां नरांव, चैनपुरवां, नरांव टोला और पिपरा टोला रसुलपुर डुमरी सहित दर्जनों गांवों के हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन भाग ले रहे हैं।




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