
प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय का डी.आई.जी.एस.एस.बी .ने किया उद्घाटन
✍🏻 बरुणेश आनन्द बरुण की रिपोर्ट
मैरवा-सिवान
ग्रामीण क्षेत्र से खिलाङियो को प्रशिक्षित कर विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाने वाला हिमेश्वर खेल विकास केन्द्र लक्ष्मिपुर में प्रस्तावित लक्ष्मिपुर खेल विश्वविद्यालय का उद्घाटन शुक्रवार को सशस्त्र सीमाबल प्रशिक्षण केंद्र गोरखपुर के उपमाहानिरिक्षक सम्मानीय प्रताप सिंह चुडावत ने करते हुवे कहा की लक्ष्मिपुर में हाकी ,फूटबाल ,हैन्डबाल ,एथलेटिक्स,बालबैडमिन्टन जैसे खेलो का प्रशिक्षण देकर बालिकाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहूंचाया जो प्रशंसनीय है .उन्होने आगे बताया की मैं अखबारों में पढकर इस जगह पर आया हूॅ जहाँ ग्रामीण प्रतिभाओं के आगे बढने की अपार सम्भावनायें दिख रही है .हम विश्वविद्यालय की स्थापना कर इसे और बेहतर तरिके से कर सकते हैं .उन्होने प्रशिक्षक संजय पाठक और उनके साहयोगियों की प्रशंसा करते हुए कहा की बिना किसी सरकारी सहायता के भवन निर्माण कर समाज के अंतिम पायदान पर खडे बच्चों को विभिन्न खेलों की शिक्षा देना काफी सराहनीय है .उन्होने तैराकी की तैयारी के लिए गाँव स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया .साथ ही जिमनास्टिक तथा शूटिंग को भी शामिल करने का सुझाव दिया.

रानिलक्ष्मीबाई के कोच संजय पाठक ने बताया की विश्वविद्यालय बनाने की सोच डी.आई.जी. साहब की ही है हमलोग उनके निर्देशन में कार्य कर रहे हैं .इस अवसर पर एस .एस .बी .के जवानो ने गाँव के बच्चों को आदिवासी नृत्य सिखाया कई तारह के स्किल टेस्ट किया गया तथा विजयी प्रतिभागियों को डी .आई .जी .साहब द्वारा पुरस्कृत किया गया .मौके पर बसंत पाठक ,छोटेजी पांडे,बलिन्द्र ठाकुर ,अरुण पांडे,अनिश पांडे साहित सैकडो ग्रामिण उपस्थित रहे.




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