नेपाल द्वारा चार लाख क्युसेक पानी छोड़े जाने की सूचना पर भयभीत हुए तटीय इलाके लोग

● सीओ ने तटीय इलाकों का लिया जायजा, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा

तरैया, सारण।
प्रखंड क्षेत्र के सारण तटबंध के निचले इलाकों में चौथी बार बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नेपाल द्वारा वाल्मिकी नगर बराज से शुक्रवार को चार क्युसेफ़ पानी छोड़े जाने की सूचना पर जहां तटीय इलाकों में बसे लोग भयभीत दिखे तो दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन ने लोगो को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करती नजर आयी। बताते चले कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश एवं वाल्मीकिनगर बराज से शुक्रवार को नेपाल द्वारा भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से सारण तटबंध के निचले इलाकों में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के अनुसार नेपाल द्वारा शुक्रवार को वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में चार लाख चार हजार क्युसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके शनिवार की शाम तक तरैया की सीमा में प्रवेश करने की संभावना है। जून माह से ही गंडक नदी के जलस्तर में हो रही उतार चढ़ाव से सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे माधोपुर पंचायत के सगुनी, राजवाड़ा, शामपुर, अरदेवा, जिमदाहा, हसनपुर बनिया, डुमरी पंचायत के फरीदनपुर, शीतलपुर एवं चंचलिया पंचायत के चंचलिया दियरा व भलुआ शंकरडीह गांव के सैकड़ों परिवार तीन बार बाढ़ की विभीषिका झेल चुके हैं। नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से इन गांवों के लोगो को चौथी बार विस्थापित होने का खतरा मंडराने लगा है। वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए तरैया सीओ अंकु गुप्ता ने सारण तटबंध का निरीक्षण किया और लोगो को सचेत रहते हुए सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की। सीओ सुश्री गुप्ता ने बताया कि पचरौड़ के आकूचक स्थित रिंग बांध पर लगे सलुईस गेट को खुलने की सूचना पर वहां पहुचकर सलुईस गेट को बंद कराया गया। तथा लोगों को संभावित बाढ़ के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर जाने कि अपील की गई। मौके पर पूर्व प्रमुख अनिल सिंह, अंचल कर्मी संजय कुमार, लीलाधर राय समेत अन्य लोग मौजूद थे।