सारण: स्कूल के क्रूर शिक्षको का अमानवीय चेहरा आया सामने,छात्र को बेरहमी से ऐसे पीटा की हालत गंभीर 
#छात्र को किया थर्ड डिग्री टार्चर
◆ कमरे में बंद कर मासूम के साथ किया थर्ड डिग्री टॉर्चर
◆ मासूम की हालात, गंभीर सदर अस्पताल में हुआ इलाज

छपरा
जहां एक तरफ उच्च न्यायालय और सरकार के निर्देशानुसार बच्चों को पीटना कानूनी अपराध माना जा रहा है । वहीं दूसरी तरफ इन सारे नियमों को ताक पर रखकर निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षा के नाम पर बच्चों के साथ अमानवीय मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं । ताजा मामला छपरा के एक प्रतिष्ठित विद्यालय का है । जहां के शिक्षकों ने एक अबोध बालक को पीटकर मानवता की सारी हदें पार कर दी हैं। जिले के प्रतिष्ठित विवेकानंद इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के छठे वर्ग में पढ़ने वाला एक 11 वर्षीय विशाल कुमार को एक छोटी सी गुनाह के लिए शिक्षकों ने इतना पीटा उससे अब चलना नहीं बन रहा है । घायल छात्र के परिजनों के अनुसार छात्र की सिर्फ इतनी ही गलती थी कि उसने विद्यालय की मनाही के बाद हाथ में बांधने वाला घड़ी साथ लेकर चला गया था । जिसे देख विद्यालय के 2 शिक्षक आग बबूला हो गए और उसे कमरे में बंद कर अपराधियों के जैसा थर्ड डिग्री टॉर्चर की हैं तस्वीरें आपके सामने है ।
इस मासूम के अनुसार विद्यालय के 2 शिक्षक उसे घड़ी बांध देख आग बबूला हो गए और उसे एक कमरे में बंद कर जानवरों की तरह बेरहमी से पीटा। जिसकी तस्वीरें स्क्रीन पर आपको साफ-साफ दिखाई पड़ रही है  । छात्र के परिजनों के अनुसार 11 वर्षीय विशाल कुमार को शिक्षा के लिए जिले के प्रतिष्ठित विद्यालय में नामांकन कराया गया जो वहां विगत 2 वर्षों से पढ़ रहा है लेकिन विद्यालय परिवार के शिक्षकों द्वारा इस तरह से मानवता की सारी हदें पार कर देना विद्यालय में शिक्षा दे रहे शिक्षक और प्रबंधन के ऊपर सवाल खड़ा करता है कि क्या यही शिक्षा देने का उचित माध्यम है जहां एक मासूम से बच्चे को पीट पीट के लहूलुहान कर दिया जाता है भारतीय समाज में शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया जाता है लेकिन इस तरह से शिक्षक का हैवान बन जाना कहीं ना कहीं मानवता के साथ कुठाराघात साबित हो रहा है।
न्यूज़ इनपुट-डी.एस.तोमर छ्परा