सारण के मढौरा न.पं.का हाल:कहने को तो साधुशरण नगर, मगर लगा है कचरों का अम्बार 
✍मनोकामना सिंह 

मढौरा (सारण)
स्थानीय नगर पंचायत के सभी वार्डो में कचरे मिलेंगे ही मिलेंगे । लेकिन वार्ड संख्या 15 का साधुशरण नगर का हाल ये की यत्र तत्र कचरे ही दिख रहे है । डस्टबिनो की संख्या नाम के लिये हर वार्ड में एक से दो तो दिख जायेंगे । परंतु वो भी खड़े नहीं मिलेंगे । प्रशासन के साथ साथ ये भी डस्टबिन गिरे पड़े सुसुप्तावस्था में दिखते रहते है । कही खड़े और भरे मिलेंगे तो लगेगा की इनको किसी सफाई कर्मी ने महीने से हाल चाल नहीं लिया हो । जिससे लोगों ने डस्टबिन के बाहर भी कचरों का अम्बार सा लगा दिया हो । उसी अम्बार में सफाई कर्मियों के पालतू सुअर उज बूज करते रहते है ।वार्ड के घने और बाजार से सटे होने के वजह से इस वार्ड के रास्ते लोगों का आना जाना लगा ही रहता है । स्थानीय लोगों को तो काफी मजबूरी है की घर है तो जायें तो कहा जायें । लेकिन सड़कों के किनारे और घरो के आजु बाजू में फैली गंदगी के बदबू से परेशान दिखते है ।उसमे भी सुअरो की चहल कदमी से हमेशा गंदी बदबूये निकलती रहती है । जिसको झेलना मजबूरी बनी हुई है । वही राहगीरों ने अपनी नाक पर हाथ रख आते जाते दिखते है । नगर प्रशासन के लिये ये कोई चिंता का विषय नहीं लगता है । तभी तो नगर  प्रशासन द्वारा सफाई के ठिकेदार ठीक से काम भी नहीं करता है और नगर प्रशासन से हर महीने सफाई के नाम पर लाखों की राशि की बंदरबांट करने वाला एनजीओ असानी से अपनी राशि का उठाव भी कर लेता है । नगर प्रशासन से कितनों ने शिकायत सफाई , रोशनी , शौचालय आदि में अनियमितता की की गई । लेकिन किसी मामले में कारवाई के नाम पर जांच आदि की बहाना बना कर आम जनों से ओझल कर दिये जाते है । हाल के समय में सफाई के साथ ही डस्टबिन और एलईडी वितरण आदि के घोर अनियमिता की शिकायतें नगर प्रशासन को मिले है । फिर भी नगर प्रशासन उस मामले को लेकर इतना गंभीर है की उसकी कोशिश रहती है की किसी तरह मामले निचले स्तर पर ही समाप्त हो जायें । नहीं तो मामले उपर तक गये तो जांच के आंच में कही नगर प्रशासन की कमाई की खिचड़ी नहीं पकने लगे । नगर प्रशासन  से इस बावत पूछे जानें पर हमेशा एक ही बयां आता है की मामले अभी संज्ञान में आये है , जांच कर कारवाई की जायेगी ।  अभी हाल ही में नगर प्रशासन की  बीते अक्टूबर महीने के छठ पूजा में छठ घाटों के सफाई व सुरक्षा मानको में घोर लापरवाही का मामला सामने आया था ।जिसमे नगर प्रबंधक रणधीर कुमार को स्थानीय एसडीओ संजय कुमार ने निरीक्षण के क्रम में फटकार  लगाते हुये कार्यपालक पदाधिकरी मढौरा अशोक कुमार सिंह से  स्पष्टीकरण भी पूछा था । जिसमे नगर प्रशासन ने आनन फानन में कुछ काम कराकर खानापूर्ति कर लिया। 

*👉क्या कहते है नगरवासी-*
मढौरा नगर पंचायत के अस्तित्व में आये अब लगभग 15 वर्ष बीत चुके है । नगर की जनसंख्या में लागातार वृद्धि हो रही है । नगर की अबादी दिनो दिन घनी होती जा रही है । नगर प्रशासन को सफाई के मामले में सजग रहना चाहिये था । लेकिन यहां उल्टे हो रहा है । सफाई की खानापूर्ति कर विभाग का लाखों की राशि को चुना लगा रहा है । धरातल पर सफाई का काम गंभीरता से नहीं किया जाता है । जिससे वार्ड 15 के  साधुशरण नगर में हमेशा ऐसी बजबजाती गंदगी सड़कों और घरो के पास पसरे रहते है । जिसमे दिन भर सुअर लोट पोट करते रहते है । नगर कार्यालय में जिम्मेवार अधिकारियों की नियमित उपस्थिति भी नहीं रहती है । जिससे की इस मामले में गंभीरता से विचार विमर्श किया जा सके । –

                मुन्ना लाल गुप्ता
       नगरवासी सह भाजपा नेता 
*👉क्या कहती है वार्ड पार्षद-*
नगर के सफाई गंभीर मुद्दा है । मेरे वार्ड के लोग भी गंदगी से जूझ रहे है । इससे लोगों को निजात मिलनी चाहिये । इसके लिये नगर के अधिकारियों को कहा गया है की सफाई की ठेका चलाने वाले एनजीओ के कार्य अच्छा नहीं है । ठेकाकर्मी को भी बार बार कहने के बाद भी सुधार नाम की कोई उम्मीद नहीं दिख रहा है । इसलिये प्रभारी नगर प्रबंधक को सफाई करने वाले के ठिका  को रद्द करने के लिये व्हाट्स एप्प पर संदेश भेजा गया है । –

                       राखी कुमारी                            वार्ड पार्षद ,
मढौरा नगर पंचायत वार्ड संख्या -15
*👉क्या कहते है कार्यपालक पदाधिकरी-*
वार्ड संख्या 15 के साधुशरण नगर में फैली गंदगी की समस्या अभी मेरे संज्ञान में आया । सफाई वाले एनजीओ को बोलते है । तुरंत सफाई करेगा । रही बात की शिकायत के बाद भी कारवाई नहीं होने की तो मेरे स्तर से शिकायत मिलने पर एनजीओ का भुगतान दो तीन महीने से रोका गया है । जहां तक ठिकेदार का अनुबंध रद्द करने की बात है , वो मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है । एनजीओ का अनुबंध रद्द करने की कारवाई बोर्ड को करनी है । –

          अशोक कुमार सिंह 
          कार्यपालक पदाधिकरी 
           नगर पंचायत मढौरा