सारण :प्रारम्भिक शिक्षा माता की गोद से प्रारम्भ होती है-डॉ.प्रमेन्द्र रंजन

अमनौर /परसा
प्रारम्भिक शिक्षा माता की गोद से प्रारम्भ होती है।समाज की हर ब्यक्ति में शिक्षा है।जरुरत है। सामाजिक स्तर पर गुणवक्ता पूर्ण शिक्षा उभारने की।उक्त बातें अमनौर में आयोजित मेघा एजुकेशन ग्रुप के 13वीं बर्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ प्रेमेंद्र रंजन ने कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार करना अति जरुरी है।समाज में अपनी सफलता से ख़ुशी कब होती है।जब कोई ब्यक्ति हमारी सफलता से प्रेरित होकर सफलता प्राप्त करता है।बच्चों की ब्यक्तित्व की पहचान कर प्रतिभा को निखारने की कोशिश करे।उचित वातावरण और उचित मार्ग दर्शन से छात्रो में छुपी प्रतिभा को उभरने में सफलता मिलती है।

शिक्षा के साथ हुनर और क़ाबलियत से दुनिया का कोई कार्य में सफलता प्राप्त किया जा सकता है।जिज्ञासा को पैदा करने से शिक्षा पैदा होता है।आज शिक्षा स्तिथि फिलिप कार्ड की तरह हो गया।जो दिखता है।वही बिकता है।लड़के लड़कियो के बिच शिक्षा का भेद भाव को मिटाने के लिए अभिभावक से अपील करते हुए दोनों को सामान शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम को जीप अध्यक्ष मीना अरुण अमनौर बीडीओ बैभव कुमार आदि ने अपना बिचार प्रकट कर किताबी ज्ञान के साथ सांस्कृतिक ज्ञान की शिक्षा देने की अपील किया।बार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बिद्यालय के छात्र छात्राओ द्वारा झांकी लघु देश भक्ति नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत संगीत तथा स्वागत गीत आदि की प्रस्तुति कर दशको का मन मोह लिया।कार्यक्रम उद्घाटन डॉ प्रेमेंद्र रंजन बीडीओ बैभव कुमार ब्रह्मानंद पाण्डेय राखी कुशवाहा ने सन्युक्त रूप से दिप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मानंद पाण्डेय संचालन निर्देशक पप्पू कुमार सिंह ने किया।।कार्यक्रम में उपस्तिथ मुख्य अतिथियो को बिद्यालय परिवार के तरफ से अंग बस्त्र देकर समान्नित किया गया।इस मौके पर पूर्व मुखिया विजय बिद्यार्थी नवीन पूरी शशिकांत प्रसाद रंजीत शांडिल्य चन्दन कुमार राज नारायण सिंह आदि सैकड़ो छात्र छात्रा तथा अभिभावक उपस्तिथ थे।