सारण :आखिर इस मतदान का क्या फायदा जिसको विश्वविद्यालय के 85 प्रतिशत छात्रो ने नकार दिया-कुणाल कुमार
छपरा
छात्र संघ चुनाव में उत्साह हीनता का अंदाजा पहले ही लगा लिया था।यदि विभिन्न माहाविद्यालयो के मतदान प्रतिशत पर ध्यान दिया दिया जाय तो स्थिति बिल्कुल स्पष्ट हो जाती है।जय प्रकाश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में जिन कॉलेजो पर मतदान हुआ उसमें पी जी सोसल साइंस में 735 वोट में 135 पड़े, पी सी साइंस कॉलेज में 3549 में 400,वाई एन कॉलेज दिघवारा 3100 में 400,पी एन कॉलेज दिघवारा 4277 में 565 ,के आर कॉलेज गोपालगंज 4236 में 606,नारायण कॉलेज गोरेयाकोठी 2311 में 253,बी पी एस कॉलेज भोरे 1766 में 535, डी ए वी कॉलेज सिवान में 3989 में 266, विद्या भवन महिला कॉलेज सिवान 1965 में 82 मत पड़े कुल मिलाकर ओवरअल प्रतिशत 14.59 हुआ।छात्र संघ एवं छात्र दोनो ही इस मतदान में उत्साह हीन ही दिखे इसके कारणों पर ध्यान दिया जाय तो बाम पंथ सहित अनेक छात्र संगठनो ने परीक्षा,सत्र सुधार ,भ्र्ष्टाचार आदि मुद्दे को उठाकर चुनाव का बहिष्कार कर दिए।मात्र आर एस ए, अभाविप ,जदयू एवं कुछ निर्दलीय चुनाव में उतरे ।इसमे से कुछ कॉलेज पर निर्विरोध जीत गए।कुछ कॉलेज पर 75 प्रतिशत उपस्थिति नही होने के कारण सबो का नामांकन रद्द हो गया।
#छात्र संघ चुनाव पर –
नेताओ की प्रतिक्रिया
कम मतदान पर नेताओ की प्रतिक्रिया
छात्र राजद जयप्रकाश विश्व विधालय अध्यक्ष प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि जयप्रकाश विश्व विधालय मे छात्र संघ चुनाव मे 86% छात्रो ने मतदान मे शामिल नही होकर यह साबित कर दिया की छात्र संघ चुनाव से ज्यादा जरूरी परिक्षा है और जयप्रकाश विश्व विधालय छपरा के पहली बार चुनाव मे जीत 86% विश्व विधालय के पीडित छात्रो का जीत हुई है इससे भी कुलपति प्रो हरिकेश सिंह को अपने हिटलर शाही अपना कर छात्रो के भविष्य से खेलवार कर रहे है जो यह छात्र राजद बर्दाश्त नही करेगा और पंजीयन से बंचित छात्रो के सभी परीक्षा एक साथ हो कालेज मे शैक्षणिक माहौल प्रयोगशाला की क्लास चले पुस्तकालय मे छात्रो के पढने योग पुस्तक रखी जाय इन विभिन्न मुद्दे को लेकर छात्र राजद दिनांक 5/3/2018 से विश्व विधालय परिसर मे अनिश्चित कालीन अनसन का अगाज करेगा।
प्रिंस कुमार
छात्र राजद विश्वविद्यालय अध्यक्ष
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एन एस यू आई के जय प्रकाश विश्वविद्यालय अध्यक्ष कुणाल कुमार ने कहा कि आखिर इस मतदान का क्या फायदा जिसको विश्वविद्यालय के 85 प्रतिशत छात्रो ने नकार दिया । विश्वविद्यालय प्रशासन को इस बात पर मंथन जरूर करना चाहिए कि आखिर क्यों इतना कम मतदान हुआ और ये मतदान नही करने वाले छात्र की मांग क्या है।हमारी पार्टी तो पहले ही छात्रहित की मुद्दा उठाते हुए,की पहले सत्र सुधार ,परीक्षा,पंजियन आदि का काम हो उसके बाद चुनाव ,के चलते चुनाव का ही बहिष्कार कर दिया ।