समस्तीपुर:पुण्यस्मृति दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन

#न्यूज़ इनपुट -केशव बाबू:
विभूतिपुर
विभूतिपुर मिथिलांचल के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवम चर्चित साहित्यिक पत्रिका मुक्तकथन के संस्थापक संपादक रह चुके स्व.जनार्दन प्रसाद सिंह ने न सिर्फ मिथिलांचल बल्कि बिहार के ही साहित्यिक गौरव को बढ़ाने में अपनी महती भूमिका निभाई।ये बातें मिथिलांचल के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार चाँद मुसाफ़िर ने स्व.जनार्दन बाबू की दूसरी पुण्यस्मृति दिवस पर प्रखण्ड क्षेत्र के सिंघिया स्थित नीजी संस्थांन के सभागार में आयोजित जनार्दन प्रसाद सिंह साहित्य सेवा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए गुरुवार को कही।श्री मुसाफ़िर ने कहा कि स्व. जनार्दन बाबू द्वारा साहित्य के विकास के क्षेत्र में जलाए लौ को जलाए रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।उक्त अवसर पर बिहार सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयोजक सह चर्चित बॉलीवुड अभिनेता अमित कश्यप ने कहा कि जिन मूल्यों व आदर्शों के साथ जनार्दन बाबू ने साहित्य की सेवा की उससे आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।मौके पर बिहार सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा बॉलीवुड के मशहूर कथा पटकथा लेखक हरिश्चन्द्र मिश्रा उर्फ सी हरीश को प्रथम जनार्दन प्रसाद सिंह साहित्य सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्जुन कुमार एवम संचालन अवधेश कुमार झा ने किया।बताते चलें कि ज़िले के सिंघिया से ही जुड़े सी हरीश ने मायानगरी मुम्बई में कथा पटकथा लेखन एवम पत्रकारिता क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना ज़िले को गौरवान्वित किया।
श्री मिश्रा ने अग्निचक्र अमन के फरिश्ते हुकुम आदि जैसी फिल्मों का लेखन कर कामयाबी हासिल की और मुम्बई की चर्चित पत्रिका दोष मुक्ता के संपादक भी हैं।मौके पर नवनीत कुमार झा,सौरभ कुमार झा,गौरव कुमार सेठ आदि थे।