दूल्हे राजा के सवारी रथ पर सवार ब्रह्मलीन महंत मोती दास का पार्थिव शरीर

दैनिक खोज खबर/पानापुर (सारण)। प्रखंड के कोंध गांव में गंडक नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध मथुराधाम के महंत मोती दास गुरुवार की रात ब्रह्मलीन अवस्था को प्राप्त कर गए. शुक्रवार की सुबह इस बात की जानकारी जैसे ही लोगों को मिली मथुराधाम घाट पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई उनके दर्शन को व्याकुल दिखा. अपने प्रथम शिष्य के मौत की खबर सुन मथुराधाम पहुँचे श्री श्री 108 नारद बाबा भी उनके पार्थिव शरीर को देख  भावविह्वल हो गए और अपने आंसू न रोक सके. बाद में ब्रह्मलीन मोती बाबा के पार्थिव शरीर को दूल्हे को तरह सजे सजाये रथ में बिठाकर नगर परिभ्रमण कराया गया. घोड़े एवं ढ़ोल नगाड़ो के बीच भक्त मोती बाबा अमर रहे का जयकारा लगाते हुए मथुराधाम से भगवानपुर, सगुनी, माधोपुर, अरदेवा होते हुए उनके पैतृक घर तरैया थाना क्षेत्र के फरीदनपुर गांव पहुंचे जहां लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. बाद में उनके पार्थिव शरीर को नवरतनपुर, उसरी, भगवानपुर बाजार होते हुए वापस मधुराधाम लाया गया, जहां गंडक नदी के पावन जल में वैदिक मंत्रोच्चार एवं  अश्रुपूरित नेत्रों के बीच उनके पार्थिव शरीर को  जलसमाधि दी गयी. इस मौके पर रणविजय सिंह, मिथिलेश सिंह, कौशल किशोर सिंह, शुभनारायण सिंह, संजय सिंह शिक्षक, छोटू बाबा, दिनेश सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, राजन सिंह सहित सैंकड़ो भक्त एवं साधु संत उपस्थित थे.