माँझी (सारण)। हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम के पैदाइश के मौके पर पर थाना क्षेत्र के अलग अलग जगहों से जश्न-ए-इदुन-मिलादुन्न-नबी का जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर हर्षोल्लास से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमन चैन व शांति के संदेश दिया।उक्त जुलूस माँझी के विभिन्न इलाके माँझी डुमरी गुरदहा गढ़ बाजार माली टोला आदि कई जगहो से निकाला गया जो मुख्य मार्ग से होते हुय माँझी जलाल बाबा के मजार पर पहुँच कर समाप्त कर दिया गया। ईद मिलादुन्नबी के माध्यम से मुल्क को आपसी सदभावना और अमन चैन का पाठ पढ़ाया गया । मोहम्मद साहब अमन चैन व शान्ति के प्रतीक थे ।इस पर्व को ग्रामीण भाषा में बारहवीं रबी अउअल के नाम से मनाया जाता है। इस पर्व का मात्र एक ही मकसद है कि मुल्क में भाईचारा हमेशा बरकरार रहे। इस पर्व को मानने व लोगो में आपसी भाईचारा और प्रेम को जागृत करना है।

इस मौके पर जुलूस के रूप में चल रहे युवाओं द्वारा नात पाक पढ़ा जा रहा था। मैलवी मजहर हुसैन ने कहा कि मजहब चाहे कोई भी हो समी धर्म के लिए एकता और अखंडता जरूरी है। अल्लाह ईश्वर एक है और मनुष्य सृष्टि के अनमोल संतान है। सभी सूर्य और चांद के रौशनी में गुलजार होते है। इस दिन विभिन्न तरह के मिठाइयों का नबी साहब के नाम से फतेहा कराया जाता है और उस मिठाइयों सिरिनी को हर्शोल्लास से एक दूसरे के बीच बांटा जाता है और लोगों की सलामती का दुआ किया जाता है।