संजय विजित्वर (हाजीपुर)

अनुदान नहीं ,वेतनमान और समान काम के समान वेतन की अपनी मांगों को लेकर बिहार के संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ निर्णायक लड़ाई का निर्णय लिया है। स्थानीय दिग्धी स्थित लक्ष्मी विलास पैलेस में बुधवार को आयोजित संचालन समिति की बैठक में शिक्षकों ने सरकार पर हठधर्मिता अपनाने का आरोप लगाते हुए इसके लिए सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। अपने विज्ञप्ति में शिक्षकों ने बताया कि आंदोलन के तहत अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में सड़क पर उतर कर चंपारण से पटना तक पदयात्रा करने तथा विधानसभा का घेराव का फैसला लिया गया। शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती है तो इस शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को बिहार के तमाम वित्त रहित अनुदानित शिक्षक और कर्मचारी सामूहिक रूप से इस्तीफा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, सभी संस्थानों में शिक्षण कार्य भी ठप करने का भी निर्णय लिया है ।संचालन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विभूति भूषण सिंह की अध्यक्षता एवं डाॅ मिथिलेश कुमार सिंह के संचालन में हुई बैठक के दौरान वीपीएस काॅलेज देसरी के प्राचार्य डाॅ ललितेश नारायण, एसएनएस काॅलेज हाजीपुर के प्राचार्य डाॅ विद्या शंकर सिंह, एनएन काॅलेज सिंघाडा के प्रो संजय कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित होकर आंदोलन अधिक धारदार बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्ति की घोषणा तो कर दी, लेकिन इसमें शिक्षक-कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। छात्रों के उतीर्णता आधारित अनुदान का व्यवस्था किया गया, लेकिन अब इसे तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर बाधित किया जा रहा है ।पिछले छह सत्रों का अनुदान नहीं दिया गया है।
कार्यक्रम में डाॅ अभयनाथ सिंह ने पदयात्रा की तैयारी के साथ शिक्षक-कर्मियों के सामूहिक इस्तीफा का प्रस्ताव देते हुए कहा कि हम पूरे बिहार में शिक्षण -कार्य को ठप करेंगे। कार्यक्रम में सभी संबद्ध कॉलेजों से 10-10 शिक्षक व कर्मी का नाम चयन करने के अलावे इसी महीने मुजफ्फरपुर में एक आम सभा का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर संचालन समिति के डाॅ दिनेश मिश्रा, डाॅ संजय चौहान, डाॅ अनिल धवन, डाॅ अभय कुमार मुन्ना, डाॅ रामचंद्र सिंह, डाॅ राकेश मिश्रा, प्रो रणविजय सिंह, डाॅ आमोद प्रबोधी, डाॅ चंद्रभूषण सिंह शशि, प्रो अमरेश श्रीवास्तव, प्रो अमिताभ कुमार सिंह, प्रो रंजन पाठक, प्रो ललन सिंह, प्रो धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रो अनिल कुमार सिंह, प्रो रविशंकर, प्रो डीके सिंह, प्रो राजेश कुमार आदि उपस्थित थे। अंत में वीपीएस काॅलेज इतिहास विभाग के डाॅ अनिल कुमार के असामयिक निधन पर दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि

सामूहिक इस्तीफा संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक

शिक्षक दिवस 5 सितंबर को इस्तीफा दे सकते हैं। कार्यक्रम में तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भावी उम्मीदवार एवं बीपीएस कॉलेज देसरी के प्राध्यापक डॉ अभय नाथ सिंह ने सामूहिक इस्तीफा देने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पर दबाव नहीं बनाया जाएगा तबतक सरकार वित्त रहित संस्थानों के बारे में कोई निर्णय नहीं लेगी। लड़ाई आर-पार की होगी।