पटना। पटना के बापू सभागार में लेट्स इंस्पायर बिहार के तत्वाधान में आयोजित विकसित बिहार संकल्प महासभा के चतुर्थ वार्षिकोत्सव में युवाओं का उत्साह देखने लायक था। कार्यक्रम में विकास वैभव ने बिहार के विकास को लेकर अपनी स्पष्ट और सशक्त दृष्टि प्रस्तुत की।

बिहार के विकास की दिशा

विकास वैभव ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, बल्कि बिहार को विकसित भारत का हिस्सा बनाने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि बिहार की प्रति व्यक्ति वार्षिक आय मात्र 5000 रुपये है, जबकि सिक्किम में यह 48,000 रुपये तक पहुंच चुकी है। ऐसे में बिहार को विकसित करने के लिए शिक्षा, समता और उद्यमिता को अपनाने की जरूरत है।

परिवर्तन की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि बिहार में असली बदलाव लाने के लिए जाति-व्यवस्था और संकीर्ण सामाजिक सोच को बदलना होगा। बिहार कभी पूरे देश पर शासन करता था, लेकिन आज यह शब्द नकारात्मक संदर्भ में उपयोग किया जाता है। इस स्थिति को बदलने के लिए शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में क्रांति लाने की जरूरत है।

महिलाओं और युवाओं की भागीदारी

कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने बिहार के हर गांव और वार्ड तक इस अभियान को पहुंचाने का संकल्प लिया। इस पहल के तहत पांच स्टार्टअप शुरू किए जाएंगे, जिनमें से एक छपरा में स्थापित होगा। अभी तक इस अभियान से 1.86 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं।

बिहार के लिए नया संकल्प

विकास वैभव ने आह्वान किया कि हर गांव के लोग शिक्षित हों और उन्हें अपने राज्य में ही रोजगार मिले। यही बिहार को 2047 तक विकसित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

(इनपुट–नित्यानंद कुमार)