वर्तमान परिवेश मेंं मानवीय मूल्यों मेंं परिलक्षित ह्रास की स्थिति मेंं सड़क दुर्घटना में जख्मी शिक्षक दम्पत्ति के इलाज में लोगों के मदद मेंं आने से फिर अतीत मेंं लौटने के जगी आस
#मनोज कुमार सिंह की कलम से :
मांझी (सारण) : वर्तमान भौतिक वादी सामाजिक ब्यवस्था में एक ओर जहां आध्यात्मिकता व मानवीय मूल्यों का ह्रास होता दीख रहा है वहीं दूसरी तरफ सड़क दुर्घटना में जख्मी शिक्षक दम्पत्ति के इलाज में लोगों की अभूत पूर्व भागीदारी व सैकड़ों लोगों द्वारा ईश्वर से मांगी जा रही दुआओ ने जबर्दस्त कमाल दिखाया है।
आपको बता दें कि बीते सोमवार को बनियापुर विद्यालय में अपनी पत्नी को बाइक से छोड़ने जा रहे मांझी प्रखंड के धनी छपरा निवासी व प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव राजीव कुमार सिंह को छपरा जलालपुर के बीच बसडीला के समीप बेलगाम स्कॉर्पियो ने रौंद दिया। बाद में आसपास के ग्रामीणों ने दम्पत्ति को छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन दोनों की चिंताजनक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल पटना पी एम सी एच रेफर कर दिया। हालांकि परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। इलाज के क्रम में चिकित्सकों ने राजीव को ब्रेन हेमरेज के बाद कोमा में चले जाने की जानकारी दी। साथ ही जान बचने की महज एक प्रतिशत सम्भावना ब्यक्त की। परिजन भी नाउम्मीद हो गए। लेकिन मांझी में संचालित सोशल मीडिया।अनुभव जिंदगी का। वाट्सप ग्रुप के सदस्यों ने ईश्वर से दुआ मांगना शुरू किया तथा मार्मिक अपील कर लोगों से आर्थिक सहयोग करने व ब्लड डोनेट करने का सामाजिक स्तर पर अभियान चलाया। बाद में सोशल मीडिया पर मार्मिक अपील बड़ा अभियान का रूप ले लिया। शिक्षक समुदाय तथा राजीव के करीबियों की दुआओं ने असर दिखाया और 80 घंटे बाद उन्हें होश आया गया। लोगों के साथ साथ चिकित्सकों ने भी ईश्वर का शुक्रिया किया। यही नही लोगों ने शिक्षक दम्पत्ति के इलाज का खर्च खुद वहन करने का संकल्प लिया। और महज पांच दिनों के भीतर पांच लाख से अधिक की राशि उपलब्ध करा कर समाज में मिशाल कायम कर दिया है। खासकर शिक्षक समुदाय से जुड़े लोगों ने बताया कि सामाजिक सामंजस्य तथा ईश्वरीय शक्ति पर भरोसा हो जाय तो किसी भी बिपरीत हालात का सामना सहज ढंग से किया जा सकता है। फिलहाल दोनो का इलाज व आर्थिक सहयोग का दौर बदस्तूर जारी है।




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