छपरा। नई शिक्षा व्यवस्था को विद्यालयी शिक्षा में प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, दर्शन नगर, छपरा में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं पंचपदी शिक्षण पाठ योजना” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के सभी आचार्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यालय के मीडिया प्रभारी अनिल कुमार आजाद ने बताया कि प्रशिक्षक आचार्य दिलीप तिवारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मूल उद्देश्यों, पंचपदी शिक्षण पद्धति, गतिविधि-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम तथा परिणामोन्मुख पाठ योजना निर्माण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते शैक्षिक परिवेश में शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार, तार्किक चिंतन और जीवन कौशल विकसित करना भी है।विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने सभी आचार्य बंधु भगिनी से प्रशिक्षण में प्राप्त नवीन शिक्षण विधियों एवं पाठ योजना निर्माण को कक्षा-कक्ष में प्रभावी ढंग से अपनाने का आह्वान किया ।

कार्यशाला के दौरान मॉडल पाठ योजना, समूह चर्चा, शिक्षण गतिविधियों तथा व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से प्रशिक्षक दिलीप तिवारी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।