रसूलपुर थानेदार को हिंदी अखबार से है एलर्जी,बोले-मैं नहीं पढ़ता हिंदी अखबार

#देवेंद्र कुमार सिंह; रसूलपुर/एकमा-स्थानीय थाने के थानेदार ने कहा कि वे हिन्दी अखबार नहीं पढते और उन्हें हिन्दी अखबार से एलर्जी है।एक स्वतंत्र पत्रकार द्वारा शराब के विनिष्टीकरण का समाचार पूछे जाने पर थानेदार आर एस रावत ने कहा का वे छपरा जिले में ज्वाइन करते ही हिन्दी अखबार पढना छोड़ दिया क्योंकि यहां अखबार नवीस केवल पीड़ितों की आवाज सुनते हैंवअधिकारियों की नहीं।यह सुनकर थाने पर बैठे समाजसेवी और जनप्रतिनिधि भौंचक रहे गये कि उनके थानेदार को हिन्दी अखबार से एलर्जी है।दरअसल किसी अखबार को सूचना दिये बगैर हजारों लीटर शराब का विनिष्टीकरण पुलिस ने अंचलाधिकारी एकमा की देखरेख में गुरुवार को कर दिया।इसकी विस्तृत जानकारी लेने जब उक्त स्वतंत्र पत्रकार पहुंचा तो थानेदार ने स्पष्ट कहा कि वे सारण जिले का हिन्दी अखबार नहीं पढते।यह सुनकर वहां उपस्थित वयोवृद्ध चनचौरा पंचायत के पूर्व सरपंच कृष्णा सिंह उर्फ गांधी जी, नवादा के पूर्व सरपंच व पैक्स अध्यक्ष पंकज सिंह, पूर्व मुखिया प्रति निधि राजू सिंह आदि आवाक हो गये कि उनके थानेदार हिन्दी अखबार नहीं पढते।सूत्रों के अनुसार रसूलपुर पुलिस द्वारा एक अवैध शराब व्यवसायी की पत्नी की पिटाई और उसकी बेटी के साथ पुलिस द्वारा छेड़खानी का समाचार अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया पर प्रमुखता से उठाये जाने को लेकर गुस्से में है।इसी भड़ास को निकालने के लिए पुलिस अखबार को कोई घटनात्मक समाचार का ब्यौरा नहीं दे रही और पत्रकारों से अपनी भड़ास निकालती है।




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