▶️जमुई नागरिक मंच ने दायर किया था जनहित याचिका
जमुई। (सौरभ शेखर) :
जमुई जिले में मेडिकल कॉलेज निर्माण पर ग्रहण लग गया है। उच्च न्यायालय के डबल बेंच के न्यायधीश ने कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया पर रोक लगा दिया है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शिवजी पांडे और पार्थ सारथी ने कॉलेज निर्माण पर रोक लगाते हुए केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ स्थल समिति को भी फटकार लगाई है। जमुई नागरिक मंच के सदस्यों ने इस जीत बताया है। मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा के बाद जमुई के लोगों में खुशी की लहर थी, लेकिन कॉलेज निर्माण के लिए स्थल का चयन खैरा प्रखंड के बेला में किया जाना अपने आप में एक प्रश्न बना हुआ है जमुई शहर से 15 किलो मीटर दूर नक्सली प्रभावित इलाकों में मेडिकल काॅलेज खुलने के विरोध में जमुई नागरिक मंच ने काफी आंदोलन किया था। नागरिक मंच का मानना था कि कॉलेज का निर्माण मुख्यालय के आसपास होना चाहिए, ताकि जरूरतमंद वहां जाकर इलाज करा सकें। नागरिक मंच के अध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने जनहित याचिका दायर की थी। यह मानना था कि नक्सल इलाके में कॉलेज के निर्माण होने से लोगों को लाभ नहीं मिलेगा। इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया है। इधर मंच के लोगों ने इसे जनता की ताकत बताते हुए कहा है कि असत्य पर सत्य की जीत है, और दीपावली पर जिलेवासियों को न्यायपालिका द्वारा उपहार है।
हाई कोर्ट द्वारा जारी निर्देश के बाद उक्त जानकारी नागरिक मंच के प्रतिनिधि वीरेन्द्र कुमार सिंह , चंद्रचूड़ सिंह , अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह उर्फ राजू जी , संतोष सिंह , रामाश्रय सिंह आदि लोग उपस्थित थे।