मुस्लिम संगठन के लोगों ने पैदल मार्च निकालकर सीएए और एनआरसी बिल का किया विरोध

जमुई। (संजीव कुमार सिंह)
सीएए और एनआरसी बिल के विरोध में गुरूवार को पैदल मार्च निकाला गया। मार्च में मुस्लिम संगठन व अन्य लोग शामिल हुए थे। साथ ही मार्च में कई पार्टी के विधायक, जिलाध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ता भी शामिल होकर सीएए और एनआरसी बिल को विरोध किया। मार्च शहर के ईदगाह के मैदान से निकाल कर बोलवन तालाब, खैरा मोड़, महिसौड़ी चौक, अतिथि पैलेश मोड़, कचहरी चौक होते हुए श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम के मैदान में आकर समाप्त हो गई। मार्च में भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे। लोग अपने हाथों में तख्ती, बैनर लिए हुए थे। तख्ती में सीएए और एनआरसी बिल सार्वनिक नहीं है, सीएए नहीं रोजगार चाहिए, नो सीएए, नो एनआरसी लिखा हुआ था। वहीं मार्च में शामिल युवा सीएए और एनआरसी बिल से आजादी की मांग भी कर रहे थे। साथ ही नारा लगा रहे थे कि युवा को रोजगार चाहिए ना कि सीएए और एनआरसी बिल चाहिए आदि का मांग कर रहे थे।
इन नेताओं ने लोगों को किया संबोधित :
राजद के विधायक सह पूर्व मंत्री विजय प्रकाश ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश के नागरिक को सीएए और एनआरसी बिल के तहत प्रताड़ित करने काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एनआरसी में वहीं व्यक्ति शामिल हो सकता है जो यह साबित कर दे कि वो या उसके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत आकर बस गए थे। उन्होंने कहा कि हम ऐसे सभी बिल का विरोध करते है। वहीं सिकंदरा से कांग्रेस विधायक बंटी चौधरी ने कहा कि यह बिल देश के हित के लिए नहीं है। आम नागरिक को प्रताड़ित करने के लिए मोदी सरकार यह बिल ला रही है। ऐसे बिल का हम पूरजोर विरोध करते है। वहीं मौलाना जयाउल रसूल गफ्फारी ने जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि इस बिल का हम सभी लोग विरोध करते है। जब तक यह बिल वापस नहीं हो जाता है तब तक हम सभी लोग इसका विरोध करते रहेंगे। वहीं मुखिया फिरोज आलम उर्फ डिसू ने कहा कि केंद्र सरकार सीएए और एनआरसी बिल के बहाने दिल्ली के जामिया और एएमयू विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रा के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार किया है। केंद्र के इशारे पर पुलिस ने छात्र-छात्रा को हॉस्टल और लाइब्रेरी में घुस कर लाठी से पिटाई बुरी तरह पिटाई कर दिया। जिससे कई छात्र-छात्रा बुरी तरह घायल हो चुके थे। मौके पर मो. इरफान, आताब आलम, अंजूम बेग, हाशिम मलिक, सिबगतुल्लाह निजामी, फारूक अशरफी, मुन्नू वकील, डा. मासूम अहमद, आशिष कुमार, सकलदेव दास, डा. गजाली, शौकत अली सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग शामिल थे।
शहर के चौक-चौराहे पर तैनात थी पुलिस :
सीएए और एनआरसी बिल के विरोध में निकाला गये मार्च को लेकर जिले के पुलिस काफी तत्पर नजर आ रही थी। ईदगाह मैदान के समीप एसडीओ लखींद्र पासवान, एसडीपीओ रामपुकार सिंह, बीडीओ पुरूषोत्तम त्रिवेदी, सीओ दीपक कुमार, नगर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह, महिला थानाध्यक्ष ज्ञान भारती सहित काफी संख्या में पुलिस बल मार्च के साथ चल रहे थे। साथ निर्धारित रूट पर आने-जाने वाले सभी वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करवा दिया जा रहा था। साथ ही हर चौक-चौराहे पर पुलिस पदाधिकारी के साथ काफी संख्या में पुलिस की तैनाती कर दी गई थी ताकि मार्च को जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो सकें। वहीं मार्च वाले रूट में बड़े वाहनों को पहले ही रोक दिया गया। कुल मिलाकर मार्च को लेकर जिला पुलिस काफी तत्पर नजर आ रहे थे।
इन पार्टी ने मार्च को दिया अपने समर्थन :
सीएए और एनआरसी बिल के विरोध में निकाला गया पैदल मार्च को बहुजन समाज पार्टी, जन अधिकारी मोर्चा, बहुजन क्रांती मोर्चा सहित विभिन्न मुस्लिम संगठन के सदस्यों ने अपने समर्थन दिया। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव सकलदेव दास ने बताया कि उनकी पार्टी के सभी सदस्य ने सीएए और एनआरसी बिल का विरोध किया है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आदित्य प्रकाश रौशन, आनंद दास, महेश दास, राहुल राज, अनिल मरांडी, प्रकाश राज, रंजीत दास, दीपक दास, दिलीप दास, विनोद यादव शामिल थे।
एसडीओ के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन :
पैदम मार्च के उपरांत एक प्रतिनिधि मंडल के द्वारा सीएए और एनआरसी बिल को वापस लेने को लेकर एसडीओ लखींद्र पासवान, एसपी डा. इनामुल हक मेंगनु के माध्यम से राष्ट्रपति को अपना ज्ञापन सौंप कर सीएए और एनआरसी बिल को वापस लेने का आग्रह किया गया।