:मांडलगढ़ उप चुनाव, कांग्रेस को सर्दी में आई गर्मी :हार से भाजपा में छाई नरमी :

🌈 मांडलगढ़ [ दिलीप मेहता ]..✍🏻मांडलगढ विधानसभा सीट के होने वाले उपचुनाव से पहले पंचायत समिति के सदस्य के उप चुनाव में कांग्रेस की जीत से कांग्रेस जनो में भरी सर्दी में भी ऊर्जावान गर्मी आ गई है ।
आज सुबह कोर्ट परिसर में हुई मतगणना में कांग्रेस के दिग्गज क्षैत्रिय नेता भेरूलाल जाट ने पं . स. के उपचुनाव में भाजपा के हरिश चौधरी को 114 वोटो से शिकस्त देकर विजय जश्न मनाते हुये विधानसभा सीट के उपचुनाव से पहले कांग्रेस में जोश का बिगुल भर दिया है । इस जीत का असर उपचुनाव पर पडेगा इसमें कोई संदेह नहीं है।

मतगणना से पहले भाजपा का कोई बडा नेता यहां मौजूद नहीं था जबकी कांग्रेस के नेता पूर्व प्रधान गोपाल मालवीय, पीसीसी सदस्य सत्यनारायण जोशी , रफीक टांक , रसीद आसाम ,अनिता सुराणा , अलका लढ्ढा , बिंदिया शर्मा , पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सनाढ्य सहित कांग्रेस जन मौजूद थे। दुसरी और भाजपा के हरिश चौधरी ने कांग्रेस के भैरूलाल को टक्कर जरूर दी और पहले राउण्ड में बुथ लेवल पर 173 की बढ़त ली.

दुसरे राउण्ड में बुथ पर कांग्रेस ने 177 की बढ़त व तिसरे राउण्ड में भी 181 की बढ़त ली बाद में चौथे राउण्ड में भाजपा ने अंतिम बुथ पर 71 मतो की लीड ली और कूल 4 राउण्ड में 2 बुथो पर भाजपा व 2 बुथो पर कांग्रेस ने बढ़त ली कूल बढ़त के आधार पर 114 वोटो से कांग्रेस ने जीत हासिल की । यहां पर नोटा में भी 98 मत गये।

भाजपा की तरफ से प्रधान घनश्याम कंवर ने कडी मेहनत की और युवा हरिश चौधरी ने कांग्रेस के प्रभावशाली नेता भैरूलाल को भारी टक्कर जरूर दी लेकिन जीत नहीं मिली। जनता में चर्चाओं के अनुसार ऐसा लगता है यहां भाजपा के बडे नेताओ ने कुछ दूरी बनाये रखी ? कुछ भी हो कांग्रेस I परिणाम से खुश है और अब विधानसभा के उपचुनाव पर जोश के साथ प्रचार करेगी, कांग्रेस की जीत के बाद अब भाजपा को विधानसभा उप चुनाव में कडी मेहनत करनी पडेगी इसमें कोई संदेह नहीं है ।
भाजपा आलाकमान को जिला संगठन की बजाय अभी से ही शक्तीसिंह हाडा , गोपाल खंडेलवाल , बद्रीप्रसाद गुरूजी , हरिश भट्ट , शंकरसिंह पुरावत , प्रधान घनश्याम कंवर व नीता विजयवर्गिय , जिपस रतनलाल खटीक ,मंडल अध्यक्षो रघुवीरसिह , अनिल पारीक , जगदीश बैरवा , तथा भाजपा नेताओ रणजीतसिंह , राजकुमार आंचलियां , विनोद ओस्तवाल , मुरली गट्टाणी , ओम मेडतियां व गणेश पारीक सहित युवा मोर्चा अध्यक्षो की एक चुनावी टीम बनाकर रणनीति स्थानीय स्तर पर एकजूट होकर करनी चाहिये । उप चुनाव में बाहरी दखल बंद होना चाहिये तभी जाकर पार पडेगी वरना गुटबाजी भारी पड सकती है । यही हाल कांग्रेस पार्टी का है यहां भी टिकट को लेकर पिछले काफी समय से गुटबाजी की झलक नजर आ रही है । फिलहाल जिले के पंचायत राज के उप चुनावो में कांग्रेस की शानदार जीत ने आगामी चुनावो की नई दिशा तय कर दी है । अब आजकल में संभवतया आचार संहिता लगने वाली है और चंद दिनो बाद मांडलगढ़ में चुनावी दंगल का घमासान शुरू हो जायेगा और कितने ही केंन्द्रीय व अन्य मंत्री गण , पूर्व मंत्रियो व बडे नेताओ का आना शुरू हो जायेगा क्योकि राजस्थान में उप चुनावी कुंभ शुरु होने वाला है जिसमें मांडलगढ़ विधानसभा सीट भी शामिल है । आचार संहिता लगते ही कानून व चुनावी व्यवस्था के चलते प्रशासन अलर्ट हो जायेगा तथा टिकट की चाहत में भागदौड भी शुरु हो जायेगी ? दोनो पार्टियों में कौन किस पर भारी रहेगा , टिकट दावेदारो में किसका राजतिलक होगा तथा चुनावी शौर किस तरफ सुनाई देगा सबको इंतजार रहेगा ? इस उप चुनाव में स्थानीय दखल रहेगा या बाहरी दखल हावी रहेगा .. और समय क्या करवट लेगा .. यह राम ही जाने ..?? 🤷‍♀ 🤷🏼‍♂