मशरूम उत्पादन में रोजगार सृजन की जगी आस, इलेक्ट्रिशियन का काम छोड़ युवक ने शुरू की मशरूम की खेती

मशरक (सारण)। कभी इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले मशरक के युवक अनिल सहनी को अब मशरूम की खेती भाने लगी है। इसके मशरूम उत्पादन को देखकर स्थानीय किसानों ने भी मशरूम उत्पादन करने का मन बना लिया है। मशरक प्रखंड के साथ अगल बगल के कई किसान मशरूम की खेती को देखने आने लगे हैं।

सोमवार को मशरूम उत्पादन केंद्र का सीओ ललित कुमार सिंह, थानाध्यक्ष रत्नेश कुमार वर्मा, कृषि पदाधिकारी शिव शंकर ठाकुर, मुखिया संघ के अध्यक्ष अमर कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। रमाशंकर सहनी की अध्यक्षता में आयोजित उद्घाटन समारोह में सीओ ललित कुमार सिंह ने कहा कि अनिल सहनी के जज्बे को दाद देनी पड़ेगी कि सुदूर गांव में मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया है। थानाध्यक्ष रत्नेश कुमार वर्मा ने कहा कि मैं मशरूम उत्पादन केन्द्र को देखकर ही आश्चर्य में हूं कि इतनी कठिन व्यवस्था में भी इन्होंने अपनी दृढ़निश्चय से गांव के और बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के रास्ते दिखाये हैं। कृषि पदाधिकारी शिवशंकर ठाकुर ने कहा कि अनिल ने बना किसी सरकारी सहायता के मशरूम उत्पादन शुरू कर दूसरों के सामने मिसाल पेश की है।

मशरक प्रखंड के मशरक पूर्वी पंचायत के दक्षिण टोला गांव के शिक्षक वकील सहनी के पुत्र इलेक्ट्रीशियन अनिल सहनी ने मशरूम की खेती शुरू की है। अनिल ने कृषि विज्ञान केंद्र पूसा से मशरूम उत्पादन की जानकारी ली और्रपरिवारजनो की सहायता से मशरूम की खेती की शुरुआत की।
वे बताते हैं मैंने मशरूम की खेती तीस क्विटल कम्पोस्ट से मकान के एक कमरे में शूरू की थी। आज लगभग 2000 बैग्स में बटन मशरूम लगाता हूं। शुरू में मुझे परेशानी हुई थी, लेकिन पूसा प्रशिक्षण से जो जानकारी मैंने ली थी। उनकी मशरूम पटना में बिक रही है। उनके साथ करीब 10-12 परिवार जुड़ा हुआ है। अनिल ने कहा कि यदि प्रखंड के कृषि पदाधिकारी सरकारी सहायता दिलाये तो रोजगार को प्रखंड स्तर पर बेरोजगार युवाओं को ट्रेनिग देकर मशरूम उत्पादन में लगाकर उनकी आमदनी के स्रोत को बढ़ाया जा सकता है। उद्घाटन समारोह में मुखिया संघ के अध्यक्ष अमर कुमार सिंह, कृषि समन्वयक मिथलेश दुबे, राकेश रंजन, रामाशंकर साहनी, सुनील साहनी, पप्पू साहनी समेत सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही।