
धरनार्थियों ने सरकार के जन विरोधी नीतियों के खिलाफ़ जमकर लगाएं नारे
प्रीपेड मीटर नीति को वापस लेने तक जारी रहेगा आंदोलन- आंदोलनकारी
मढ़ौरा (सारण) । बिजली विभाग द्वारा प्रीपेड मीटर लगाने के विरोध में नगरवासियों ने एकदिवसीय धरना दिया। धरना के माध्यम से प्रीपेड मीटर को गरीब और कमजोर लोगों के लिए अभिशाप बताया। प्रीपेड मीटर का पूर्व के मीटर से कई गुना रीडिंग अधिक है और जहां भी इसको लगाया गया हैं वहां मीटर की खामियों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं । इस मीटर को लगाकर बिजली विभाग गरीबों का आर्थिक शोषण करना चाहती है । इससे गरीब लोग जो बिजली बिल की त्रुटियों से पहले से परेशान थे, अब दुसरी तरह की समस्याओं से घिर जाएगे । धरना पर बैठे लोगों ने साफ तौर पर कहा की सरकार जनता के प्रतिनिधि मंत्री, विधायक, एमएलसी को तीन हजार यूनीट फ्री बिजली की सुविधा देती है । दूसरी तरफ आम जनता को बिजली सुविधा के नाम पर भारी शोषण करती है, जो सरकार का गलत रवैया है । धरनार्थियों ने कहा कि बिहार की आधी आबादी कुपोषित है । 80 प्रतिशत जनता डिजीटल पेमेंट प्रक्रिया से दूर है । ऐसे में सरकार का प्रीपेड मीटर लगाना आम लोगों की समस्याओं को बढ़ाने वाला है। धरना का नेतृत्व कर रहे वीर आदित्य ने कहा कि प्रीपेड मीटर नीति की वापसी तक आंदोलन जारी रहेंगी। विष्णुगुप्ता समेत आधे दर्जन युवाओं ने सरकारी की नीति के खिलाफ़ अपने संबोधन में प्रीपेड मीटर पर विरोध जताया और धरना स्थल पर सरकार के जन विरोधी नीति के खिलाफ़ जमकर सरकार विरोधी नारे लागा कर प्रदर्शन किया। धरना उपरांत एक प्रतिनिधि मंडल में मढ़ौरा एसडीओ से मिले और उनके समक्ष भी प्रीपेड मीटर पर अपना पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री के नाम का अपना ज्ञापन सौंपा ।
धरना में शामिल आंदोलनकारी :
सराकर के जन विरोधी प्री पेड मीटर नीति के खिलाफ़ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में वीर आदित्य, विष्णु कुमार गुप्ता, आफताब अली इदरीसी, शंभू महतों, दिलीप कुमार, राजू कुमार, नीरज कुमार यादव, जयराम कुमार, अभिमन्यु कुमार साह, इशराक जया, शहाबुद्दीन अंसारी, कलमुद्दीन अंसारी, सतेंद्र साह, सिद्धार्थ कुमार यादव, विजय कुमार, विनोद कुमार, किताबुउद्दीन अंसारी, रशीद अंसारी, जयप्रकाश महतों, प्रवीण गोसाई, मिथिलेश सिंह, कृष्णा राय, छोटेलाल, अमित कुमार सहित अन्य शामिल थे ।
प्रीपेड मीटर से आमजन की समस्या :
बताया जा रहा हैं कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने वाले उपभोक्ता को अपने मोबाइल फोन में एक एप रखना होगा। बिहार बिजली स्मार्ट मीटर नाम के इस एप से उपभोक्ता को उनके द्वारा किए जा रहे बिजली ऊर्जा उपयोग के साथ ही शेष बचे रुपयों की भी जानकारी मिलती रहेगी। एप को गूगलप्ले से डाउनलोड किया जा सकता है। गूगल पे, पेटीएम जैसे डिजिटल पेमेंट के माध्यम से रिचार्ज किया जा सकेगा। स्मार्ट प्रीपेड मीटर में जितनी राशि का रिचार्ज किया जायेगा, उतनी ही राशि की बिजली का उपभोग कर सकेंगे। रिचार्ज खत्म होने पर बिजली मिलना बंद हो जायेगा। जबकि अभी तक रीडिंग वाले मीटर से उपभोक्ताओं को कोई डिजिटल पेमेंट या एप रखने की जरूरत नहीं पड़ती थीं और बिजली उपभोग के बाद भुगतान करना होता हैं। वहीं किसी प्रकार के बिल त्रुटि पर भी सुधार के बाद राशी भुगतान किया जाता है। जबकि अब बिल त्रुटि पर पहले रिचार्च खत्म के साथ बिजली उपभोग भी बन्द हो सकता हैं और बिल सुधार होने तक बिजली उपभोग भी नहीं कर सकते हैं।




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