दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट :-
दिन-रात मेडिकल के दुकानों से लेकर डॉक्टरों के चक्कर लगाने वाले मेडिकल रिप्रजेंटेटिव जब किसी मुसीबत के शिकार होते हैं चाहे उनका सड़क में दुर्घटना हो जाए या उनके साथ कोई व्यक्तिगत दुर्घटना हो जाए तो बड़े-बड़े नाम वाली दवा की कंपनी थोड़ा सा भी ना तो समय देती है, और न उन पर ध्यान देती है। और ना उनके परेशानी को दूर करना समझ पाती है। अभी कुछ दिन पहले ब्रिटिश बायोलॉजिकल नाम की दवा कंपनी के मेडिकल रिप्रजेंटेटिव अपने कार्य अवधि के दौरान स्टॉकिस्ट एवं डॉक्टरों के यहां से मिलकर जब आ रहे थे तो सुप्रिया सिनेमा रोड में उनकी विभक्त घटना में दोनों पैर टूट गई। अगल बगल के राहगीरों ने उन्हें उठाकर के एक दुकान में रखा। फिर उनके जानने-पहचानने वाले उठा कर के डॉक्टर नासिर अली के यहां भर्ती कराया। जहां एक पैर का प्लास्टर तो हो गया लेकिन दूसरे पैर का ऑपरेशन होने के लिए डेट निर्धारित कर दिया गया है। भयंकर आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस मेडिकल रिप्रजेंटेटिव को ना तो इलाज कराने के लिए कंपनी ने एक पैसा दिया और ना ही कोई दो विशेष सहानुभूति के शब्द बोले। जब मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ने अपने सवेदना को गुहार के रूप में कंपनी को लिखना चाहा तो उसकी आईडी तक ब्लॉक कर दी गई। उसका एक फेक आईडी से यह सूचना अपलोड कर दी गई कि आपको कंपनी से निकाला जा चुका है। इस संबंध में जब अखबार वालों ने उस मेडिकल रिप्रजेंटेटिव से जानने की कोशिश की तो उन्होंने यह बताया कि मैनेजर ने तो यहां तक कह दिया की आप प्रोबेशन पीरियड में थे, इसलिए कोई बेनिफिट नहीं मिल सकता है। इस बीच पश्चिम चंपारण के मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव यूनियन बीपीएसआरए के सेक्रेटरी आशुतोष पांडेय ने दवा के उक्त कंपनी को चेताया है की यदि उक्त भुक्तभोगी और दुर्घटना में घायल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के साथ न्याय नहीं किया गया तो उस दवा कंपनी का जिले में पूरा बहिष्कार किया जाएगा। डॉक्टरों के साथ बैठक की जाएगी साथ ही दवा कंपनी के उक्त अधिकारियों के खिलाफ श्रमिक न्यायालयों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।