बेतिया – बगहा:– दहेज के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार  
न्यूज इनपुट विजय कुमार शर्मा बगहा प.च बिहार:– 
 21 जनवरी 2018 की मानव श्रृंखला की अपील के बारे में। कुछ लोग विपक्ष में होने की मजबूरी के कारण  राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए मानव श्रृंखला से अपने को अलग रखा। पर सबसे बड़ी विडंबना यह थी कि जिस जनता के हित में यह कदम उठाया गया। उस मे से ही  कुछ भोली -भाली जनता अज्ञानता के कारण दहेज विरोधी जैसे पुनीत  कार्यक्रम से अपने को अलग रखकर अपनी अंदर की मानवता को मार डाला ।
 भेजे गए तस्वीर को ध्यान से देखिए ।इस तस्वीर में खड़े रोबिले और बुलंद चेहरा वाले गोरे तथा लंबे कद का यह महा मानव एसएसबी 21 वीं वाहिनी के सेनानायक श्री अनिल कुमार शर्मा जी है ।जो न केवल हमारी देश की सरहदों की रक्षा करते हैं। अपितु मानव होने के कारण उन्हें यह लगा कि यह हमारे समाज में फैला दहेज रूपी तृष्णा किसी नक्सलवाद और आतंकवाद से कम नहीं है ।इस  दहेज  को सामाजिक आतंकवाद का दर्जा देना चाहिए। दहेज लुलोपी दरिन्दे आतंकवादियों और नक्सलवादी गद्दारों से   कम नहीं है ।जिस तरह ये  सदा  देश लूटने की फिराक में रहते हैं उसी प्रकार दहेज विरोधी दरिंदे परिवार और व्यक्ति को लूटने में लगे रहते हैं ।
वास्तव में दहेज की कुत्सित मानसिकता ही भ्रूण हत्या और महिला उत्पीड़न को चरम पर पहुंचा दिया है। मैं उन सभी दहेज का विरोध करने वाले लोगों से यह अपील करता हूं कि आप SSB के सेनानायक श्री अनिल कुमार शर्मा जी के उच्च विचार को देखकर जरूर सीख लें। जरा सोचे कि जब एक देश का सिपाही इस श्रृंखला में खड़ा होना चाहिए था ।  यदिआप देश के लिए  कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम समाज के लिए ही सही ।लोगों को जागरूक तो जरूर कर सकते हैं। समाज मे एक कोढ व कैंसर की भांति फैले हुए बाल विवाह, दहेज ,नशा आदि के लिए निश्चित तौर पर लोगों को जागरुक कर अपने मानवता का परिचय दें। क्योंकि श्री अनिल कुमार शर्मा जी जैसे तमाम सिपाही सीमा की रक्षा तो कर ही रहे हैं। पर समाज में व्याप्त दहेज रूपी आतंकवाद से हमें ही लड़ना है।