बेतिया – गौनाहा:– *आपके गांव कार्यक्रम में दैनिक खोज खबर की टीम पहुंची महुई पंचायत*

न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-
✍ पंचायत के लोगो के पास है समस्याओं का अंबार।
✍ समस्या सुनाते रो पड़े कई लोग।
✍ सत्तर से अस्सी वर्ष के लोगो को नही मिलता वृद्धा पेंशन।
✍ बारह हजार के जनसंख्या वाले पंचायत मे बीना भवन व कर्मी का चलता उप स्वास्थ्य केन्द्र।
✍ अस्सी प्रतिशत खेती पर निर्भर किसान के पास नही है उचित सीचाई का साधन।
✍ पैक्स गोदाम नही होने के कारण साल भर की मेहनत की फसल को किसान बेचते औने-पौने दाम पर।
*पश्चिमी चम्पारण गौनाहा* कहते है सरकार कार्य करने के लिए जहां चाह दे वहाँ विकास हो के रहती है । लेकिन प्रखंड मुख्यालय से लगभग बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित मूहूई पंचायत के बलुआ बड़या गांव आज समस्याओ से जुझ रहा है और अपनी हालत पर रो रहा है । यह गांव जंगल के किनारे पहाड़ो की तलहटी पर बसा हुआ है ।
यहां तक पहुंचने के लिए सड़के तो है लेकिन गाड़ी बीस की भी रफ्तार नही पकड पाती है ।
यहां उत्तम स्वास्थ्य, शिक्षा का कोई व्यवस्था नहीं है।
छोटी से छोटी इलाज के लिए लोगो को गौनाहा पहुंचना पडता है । सडको की स्थिति ठीक नही होने के कारण लोगो को हॉस्पिटल पहुंचने मे घंटे का समय लगता है एक दिन पहले न निकली कई गर्भवती महिलायें का प्रसव पिडा के कारण हो चुका है मौत । सड़कों के किनारे नाली नहीं होने के कारण जल जमाव की समस्या हरवक्त बनी रहती है ।
गांव में सड़के तो हैं पर सड़कों का अतिक्रमण किया गया है । रविवार को गांव में आयोजित दैनिक खोज खबर आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने ऐसी कई समस्याओं से रुबरु कराया इस दौरान बोलने की मौका मिला तो गांव के सभी महिला पुरूष बच्चो ने अपने आनेको समस्याओ को रोते हुए रखा । सभी ने गांव की समस्या से निजात पाने की मांग की ।
एक एक कर ग्रामीणों ने गांव के समस्या के बारे में बताया इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, बिजली, नाली सिंचाई से जुड़ी समस्याएं तो है ही इसके अलावा राशन कार्ड व सैकड़ों वृद्धापेंशनधारी की पेंशन की जटिल समस्या के अलावा जंगली जानवरो से हो रहे नुकसान को लोगो ने बताया ।
*ग्रामिण वेजेंदर कुमार* ने बताया की गरीब राशन के अभाव मे यहां वहां भटक रहे है । राशनकार्ड होने के बाद भी डिलर के द्वारा कभी-कभी राशन नही दिया जाता है । आंगनवाडी सेन्टर अक्सर बंद रहता है खुलता भी है तो कोरम पुरा करने के लिए । बच्चो को उत्तम शिक्षा के लिए हाई स्कुल या कालेज की व्यवस्था नही है । प्राइमरी स्कुलो मे पठन पाठन की अच्छी व्यवस्था नही है ।
*ग्रामीण प्रमोद साह* ने बताया की इस गांव मे अस्सी प्रतिशत किसान व मजदूर है जो पुर्ण रूप से खेती पर आश्रित है लेकिन सरकार के तरफ से कोई सीचाई की उत्तम व्यवस्था नही कीया है । किसी तरह फसल तैयार किये किसान पैक्स गोदाम नही रहने के कारण साल भर की मेहनत की फसल को औने-पौने दाम पर सेठ साहूकार से बेचने पर मजबूर है यहां के लोग।
*ग्रामिण कृष्णा यादव* ने बताया कि यहां अतिरिक्त स्वास्थ केन्द्र की सुविधा प्रयाप्त नही है जो है वो बिना भवन व कर्मी के चलता है । जो यहां के लोगो के लिए सबसे बडी समस्या है । गांव मे विद्यालय तो है लेकिन समय से नही खुलता है खुलता भी है तो सिर्फ कोरम पुरा करने के लिए । सरकार इसपर ध्यान दे तो इन समस्याओ से निजात पाई जा सकती है ।
*वही स्थानीय मुखिया जितेंद्र महतो* का कहना है कि हमारी पंचायत अनेको समस्याओ से जुझ रही है । सड़क तो है लेकिन गाड़ी रेंग कर चलती है । जंगली जानवरो फसल नष्ट कर देते है , सरकार के तरफ से कोई सिंचाई की उत्तम व्यवस्था नही है । जिसके कारण फसल की सीचाई समय पर किसान नही कर पाते है और औने-पौने दाम पर सेठ साहूकार से मजबूरी के समय बेच देते है । अस्सी से नब्बे वर्ष पार कर चुके वृद्ध पेंशन के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा कर थक गये लेकिन जब से खाता मे पैसा भेजा जाने लगा तब से उनके खाते मे अभी तक पेंशन का पैसा नही आया है । सडके तो है लेकिन चलने लायक नही है ।
वही पंचायत की शिक्षा एकाएक गिरती जा रही है । शिक्षक विद्यालय कम घर पर ज्यादा रहते है । बारह हजार के जनसंख्या पर सरकार के द्वारा एक उच्च विद्यालय दिया गया है जिसमे नामांकन के समय सीट फुल हो जाने के कारण छात्रो को कही दुसरी जगह नामांकन कराना पडता है । पंचायत में सरकार के द्वारा दि गयी जरूरत से कम चार नलकुप बंद पडा है । स्वास्थ्य केन्द्र तो हमेशा बंद ही रहता है । जिससे जच्चा-बच्चा को कई बार सही समय से इलाज नही मिलने के कारण मरते देखा गया है । पैक्स गोदाम नही रहने के कारण किसान अपनी साल भर की मेहनत की फसल को औने-पौने दाम पर सेठ साहूकार से बेचने पर है मजबुर ।
इस दौरान स्थानीय लोगो ने *दैनिक खोज खबर* कि इस पहल की सराहना की । कहा की ऐसे पहल होती रहे तो समास्योओ से निजात मिल सकता है ।




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