दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
बिहार राज्य ईंख उत्पादक संघ के महासचिव प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि ईख उत्पादकों के साथ बिहार सरकार सौतेला ब्यवहार कर रही है ।ज्यादातर किसानों के गन्ने का भुगतान चीनी मिलों द्वारा अबतक नहीं किया गया है । 2018 -19 के पेराई सत्र में सर्ब प्रथम ग्रेड ए का चालान निर्गत किया गया और जनवरी तक ग्रेड ए गन्ने का ही पेराई होता रहा ।जो । मुख्य रुप से चीनी मिल मालिकों और बड़े किसानों के पास ही था ।फरवरी माह से ग्रेड बी किस्म के गन्ने की पेराई शुरु हुई । इस प्रभेद का गन्ना मध्यम वर्ग और छोटे किसानों के पास था ।तीसरा ग्रेड रिजेक्ट गन्ना अन्त में लिया गया । जो लगभग मार्च में लिया गया । अबतक चीनी मिलों द्वारा 10 फरवरी तक का भुगतान किया गया है ।जिससे स्पष्ट हो जाता है कि ज्यादातर किसानों के गन्ने का भुगतान अबतक नहीं हुआ है ।जबकि 2019 -20 सत्र के लिये अक्टूबर से चीनी मिलों द्वारा पेराई प्रारम्भ हो जायेगा ।पिछले पेराई सत्र में बिहार सरकार किसानों को एक पैसा नहीं दिया ।मोदी सरकार द्वारा घोषित 20 रुपये प्रति क्विंटल भी किसानों को नहीं मिला ।उल्टे 10 रुपये सरकार द्वारा मिलों को दिया गया । बिहार राज्य ईंख उत्पादक संघ और किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा आयोजित धरना के प्रतिनिधि मण्डल से जिला पदाधिकारी पश्चिम चंपारण ने कहा था कि दो दिन के अन्दर सभी किसानों के खाते में पैसे चले जायेंगे हम माँग करते हैं कि मिलों में बकाये पैसे शीघ्र किसानों को दिया जाय । साथ ही अगले पेराई सत्र के लिये गन्ने की कीमत 4 सौ रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाय ।




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