सारण:नये बीज के किस्म खरीद किसान हुये ठगी के शिकार, धान की फसल में नहीं आयी बाली
#एजेंट ने महंगी जीरा धान का प्रलोभन देकर ऊंची कीमत लेकर बेचा था बीज
#किसानों को उगी फसल को फिर खरीदने का दिया था प्रलोभन
#फसल अन्य बीजो के अपेक्षा बड़ा तो हुआ लेकिन नहीं आयी बाली

#दैनिक खोज खबर डेस्क
मढ़ौरा (सारण)
अन्नदाता व भगवान कहे जानें निश्छल किसान को भी ठगों ने नहीं बख्शा और ऊंची कीमत लेकर बेच दिया नकली बीज ।
खेती में हर साल मौसम की मार झेलने वाले किसानों नकली बीज की ठगी का शिकार होने का मामला प्रकाश में आया है । मौसम का तो किसान संतोष भी कर लेते है कारण तब आस पास के सब फसल का हाल एक जैसा होता है । लेकिन यहां तो आस पास के खेत में लहलहाते फसल और उसमे लगी बाली को देख कर किसान के सीने में हुक सी उठ रही है । लेकिन अब कर ही क्या सकते है खेत में लगी अपनी फसल को निहारते है और अपने भाग्य को कोस रहे है ।

मामला मढौरा अनुमंडल के अमनौर प्रखंड के हुस्सेपुर डबरा पार गनौरा गांव का है । यहां करीब 15 किसान के पांच एकड़ में लगी फसल में धान नहीं फुटा है । किसान आस पास के फसल में धान आने के बाद से रोज अपनी फसल को निहार रहे है लेकिन पौधे तो खूब बड़े बड़े हुए है लेकिन धान नजर नहीं आ रहा है । किसानों ने गांव के ही एक एजेंट से धान का बीज लिया था । तब कहा गया था कि धान उन्नत किस्म का है,पौधे जल्दी तैयार हो जायेगे । फसल से अधिक मणी प्राप्त होगी चावल भी पतला दाना में सुगन्धित होगा । एजेंसी एजेंट ने धान को बेचने की समस्या से भी भी किसान को निजात दिलाते हुए कहा था कि फसल से प्राप्त उपज को एजेंसी खुद की खरीद लेगी । किसान इसके झांसे में आ गए और 250 रूपए किलों की दर से धान खरीद लिए ।

*बीज खरीदते समय उत्साह में थे किसान अब फसल देख घोर मायूसी छायी*
डबरा पर गनौरा के किसान राधापती देवी,कामेश्वर सिंह,हरेराम सिंह,दरोगा सिंह,मैनेजर सिंह,संत कुमार चन्द्रमा सिंह,उषा देवी,सत्यनारायण सिंह आदि बताते है कि उन्होंने मई महीने में तन्नु श्री नाम के बीज को खरीदा था I बीज चार किलों के पैकेट में अंकित मूल्य के बाद भी एजेंट ने अधिक राशि वसूले थे I बीज को लेने के बाद सभी किसानों में अच्छी उपज को लेकर काफी उत्साह था I खेत में बिचरा लगाने से लेकर बुआई करने तक सब कुछ ठीक रहा, धान के पौधों की ग्रोथ भी खूब हुई I लेकिन तैयार फसल में जब धान के दाने ही नहीं निकले तो किसान घोर निराशा में आ गए है I
*पांच एकड़ की धान बनी सिर्फ चारा और किसान बने बेचारा*
एक दर्जन के लगभग किसानों ने करीब पांच एकड़ में खेती की थी । सभी के फसल की एक जैसी ही स्थिती है । खेत में धान के बड़े बड़े पौधे किसान को चिढ़ा रहे है ।किसान के पास अब कोई विकल्प नही दिखता है।किसान अब तय कर चूके है कि फसल को काट कर पशुअों को खिला देगे अौर इसे नियति मान किसी तरह खुद को संतोष करायेगे ।
क्या कहते है बीएअो –
किसानों को अधिकृत बीज ऐजेंसी से ही बीज खरीदने का निर्देश दिया गया था । सरकारी स्तर पर पंचायत में 33 प्रतिशत फसल के प्रभावित होने पर मुवाबजा का प्रावधान है । किसान अगर किसी नीजी कम्पनी से बीज लिए है तो उन्हे संगठित होकर बीज ऐजेंसी अौर बीज विक्रेता पर प्राथमिकी दर्ज कराना चाहिए । किसान उनके स्तर पर भी आवेदन देते है तो मामलें की जांच करवाई जायेगी ।
बीएओ अमनौर रविन्द्र बैठा




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