बीएमएसआईसीएल ने आयोजित की तीसरी पार्टनर कन्क्लेव, मार्केट प्लेस एवं पोस्टर प्रजेन्टेशन रहा आकर्षण का केंद्र
• दवाओं एवं उपकरणों की आपूर्ति पर हुयी विस्तार से चर्चा
• अगले वित्तीय वर्ष में राज्य में दवाओं एवं उपकरणों पर होंगे 650 करोड़ रूपये खर्च
• राज्य के अस्पतालों में 218 दवाएं एवं 70 उपकरणों की उपलब्धता

पटना, 11 जनवरी 2020: स्वास्थ्य सेवाओं में बुनियादी एवं विश्वसनीय सुधार लाने के लिए बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम(बीएमएसआईसीएल) को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इसको लेकर बीएमएसआईसीएल द्वारा केयर इंडिया एवं एस.आर.यू के सहयोग से शनिवार को तीसरी बार शहर के होटल लेमन ट्री में पार्टनर कन्क्लेव का आयोजन किया गया. जिसमें राज्य और राज्य से बाहर से आये प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया. यह कन्क्लेव एक सामान्य मंच है जहां पर व्यवसाई अपनी समस्याओं को रखते हैं और उसका निराकरण किया जाता है. साथ ही तकनीकी सुझाव साझा भी किए जाते हैं. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खरीद प्रणाली को सुदृढ़ करना, बिहार विकास मिशन एवं सात निश्चय में उल्लेखित जेनरिक दवाईयां नैदानिक सेवायें एवं चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि आम जनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें प्राप्त हो सके।
दवाओं एवं उपकरणों पर होंगे 650 करोड़ रूपये खर्च:
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा दवाओं, सर्जिकल आइटम एवं उपकरणों के खरीद को लेकर बीएमएसआईसीएल विगत 4 वर्षों से बेहतर कार्य कर रही है. इन 4 सालों में दवाओं एवं उपकरणों की क्रय एवं इसके बजट में भी बढ़ोतरी आयी है. इस वित्तीय वर्ष में राज्य में दवाओं पर 250 करोड़ एवं उपकरणों की खरीद पर 150 करोड़ से अधिक का खर्च किया गया है. अगले वित्तीय वर्ष में दवाओं एवं उपकरणों पर 650 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से ही पार्टनर कानक्लेव का आयोजन किया जा रहा है. यह तीसरा पार्टनर कानक्लेव है. उन्होंने मौजूद आपूर्तिकर्ताओं से इस कॉन्क्लेव के जरिए अपनी राय एवं सुझाव रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि आपकी सुझावों को गंभीरता से लिया जाता है. यह सुझाव बेहतर नीति निर्धारण में सहयोग करती है.
राज्य में 218 जरुरी दवाएं एवं 70 उपकरणों की हो रही आपूर्ति :
इस अवसर पर प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग संजय कुमार ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मरीजों को अस्पताल में ही जरुरी दवाओं एवं चिकित्सकीय जाँच समय से उपलब्ध हो जाए. इसके लिए सरकार निरंतर प्रयास भी कर रही है. राज्य के सभी अस्पतालों में जरुरी दवाओं, चिकित्सकीय जाँच एवं उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम(बीएमएसआईसीएल) को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. उन्होंने बताया कि राज्य में 351 जरुरी दवाओं की लिस्ट तैयार की गयी है. जिसमें अभी 218 दवाओं की आपूर्ति की जा रही है. जरुरी उपकरणों की लिस्ट पर काम किया जा रहा है. फ़िलहाल दवाओं के साथ 70 जरुरी उपकरणों की भी आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है.
मार्केट प्लेस एवं पोस्टर प्रजेन्टेशन रहा आकर्षण का केंद्र:
इस कन्क्लेव में बी.एम.एस.आई.सी.एल. और केयर इंडिया के द्वारा पहली बार मार्केट प्लेस एवं पोस्टर प्रजेन्टेशन का आयोजन किया गया। मार्केट प्लेस और पोस्टर प्रदर्शनी इस आयोजन में एक नया आकर्षण था। होटल प्रांगण में स्वास्थ्य दवाओं और उपकरणों के आपूर्तिकर्ताओं द्वारा 15 स्टाल एवं 5-7 पोस्टर प्रजेन्टेशन भी किया गया। आयोजन में कई प्रतिष्ठित कम्पनियां आमंत्रित थें। दवा निर्माण कम्पनियां जैसे – सिपला, ल्यूपिन, फाईजर, फेज़िनर, ग्लेनमार्क, रोच, मेडिसन तथा स्वास्थ्य उपकरण निर्माण करने वाली कम्पनियों में जी.ई., ट्रांन्सेसिया, इंटास, हाॅस्को, हेल्दियम, कोपरान, रिलायंस बायो ने अपने-अपने उत्पादों और नई खोजों का प्रदर्शन किया।इसके आवाला इन्क्यूबेशन सेंटर आई.आई.टी-पटना और एल्व्यू, पूना द्वारा स्वास्थ्य तकनीकी नई खोजों का स्टार्ट-अप भी प्रदर्शित हुआ।
चीफ ऑफ पार्टी, केयर इंडिया तकनीकि सहायता ईकाई-सह-निदेशक एस.आर.यू डॉ. हेमन्त कुमार शाह ने इसपर चर्चा करते हुए बताया कि खरीद प्रक्रिया के लिए वेब पोर्टल में सुधार किया जा रहा है कार्य प्रगति पर है बहुत जल्द ही यह लाइव हो जायेगा। ई टेंडरिंग से यह प्रक्रिया आसान हो जायेगी। गोदाम का कार्य प्रगति पर है। ईआॅषधी को अपटेड किया गया है।
इस कार्यक्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार, सीजीएम बी.एम.एस.आई.सी.एल रजनीकांत, प्रबंध निदेशक बी.एम.एस.आई.सी.एल संजय सिंह, राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रशासी पदाधिकारी खालिद अरसद, एसआरयू के डॉ. दूर्वा रोहिणी के साथ बी.एम.एस.आई.सी.एल एवं केयर इंडिया, एस.आर.यू. के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.