
गरखा/छपरा।बिहार में पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक स्तर में काफी गिरावट आई है। चुनाव के बाद चाहे एनडीए से नीतीश कुमार पुनः मुख्यमंत्री बने या महागठबंधन से लालू यादव के लाल तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बने,परंतु विकास की कल्पना बेमानी होगी।विकास होगी परंतु काफी धीमी गति से, क्योंकि राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए महागठबंधन में एवं प्रत्याशियों के नामों की घोषणा में काफी देर से किए। प्रथम चरण के जब 2 दिन नामांकन का समय बचा तब प्रत्याशियों का नाम का घोषणा पार्टियों द्वारा किया गया।इससे स्पष्ट होता है जहां राजनेता का प्रथम फायदा होता है वहां तो इतना लेटलतीफी से काम हो रहा है तो फिर जनहित में होनेवाली कार्यो की स्थिति क्या होगी? यह देखकर अभी से ही समझ में आ रहा है।वोटरों को भी चौकन्ना रहने की जरूरत है।अन्यथा नेताजी चुनाव जीते ही अदृश्य हो जाएंगे। पुनः 5 वर्ष पछताने के सिवा कुछ नहीं मिलेगी। ऐसे में सोच समझकर साफ व स्वच्छ छवि के प्रत्याशियों को मतदान करें,ताकि काम के साथ-साथ सभी समाज के सभी वर्गों का समुचित विकास हो सके।
●सन्त श्री मुरारी स्वामी, सरायबक्स, गड़खा , सारण।




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