बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में  साढ़े 3 साल की सजा, अभी बेल नहीं

✍”दैनिक खोज खबर” ऑन-लाईन हिन्दी न्यूज वेबपोर्टल के लिए श्रीनारद संवाद सेवा सीवान:- चारा घोटाला मामले में आरजेडी सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री  लालू प्रसाद समेत सभी 16 दोषियों के खिलाफ  रांची सीबीआई कोर्ट ने सजा सुना दी है। शनिवार को सीबीआई जज शिवपाल सिंह  ने सजा का एलान करते हुए  चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव  को साढ़े 3 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा लालू प्रसाद को 5 लाख का जुर्माना भी किया गया है।
गौरतलब हो कि  इससे पहले  शनिवार को चारा घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनवाई करते हुए शाम चार बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लालू प्रसाद को सजा सुनाने की बात कही। लालू की सजा की सुनवाई शुक्रवार को  पूरी हो चुकी थी, लेकिन शनिवार को  छह अन्य आरोपियों की सजा के मामले में सुनवाई हुई और फैसला आया।

बता दे कि कि सीबीआई के वरीय विशेष लोक अभियोजक राकेश प्रसाद लालू प्रसाद के अधिवक्ता चितरंजन सिन्हा और प्रभात कुमार को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कोर्ट रुम में बुलाया गया था।लालू प्रसाद और डॉ आरके राणा की ओर से लिखित आवेदन देकर उनके अधिवक्ता ने कम से कम सजा देने की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला ? बता दे  कि चारा घोटाले से संबंधित यह देवघर कोषागार से 84.54 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला है। कांड संख्या आरसी 64 ए/96 के इस मामले में 23 दिसंबर को सीबीआई कोर्ट ने लालू प्रसाद को दोषी ठहराया। इस मामले में संलिप्त लोगों में शुरुआत से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।सरकारी गवाह पीके जायसवाल एवं सुशील झा ने निर्णय से पहले ही अपना दोष स्वीकार कर लिया था।अब 21 साल बाद चारा घोटाले के देवघर से जुड़े इस चर्चित मामले में बुधवार को सजा के बिंदु पर फैसला आ गया।इस मामले में सीबीआई ने 23 जुलाई 1997 को चार्जशीट फाइल की थी।

गौरतलब हो कि  कि देवघर कोषागार से जुड़े इस मामले में बिहार के एक और  पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा भी आरोपी थे, लेकिन उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया। इसके साथ ही देवघर से कोषागार से जुड़े इस मामले में अन्य 6 आरोपियों को भी कोर्ट ने बरी कर दिया है।अब लालू प्रसाद के सजा के बिंदु पर फैसला आने के बाद उनके वकील आगे की रणनीति बनाने में जुट गये हैं।