बारिश और कुडा कचरा से नरक बनी खुर्माबाद के रहवासियों की जिंदगी

👉बारिश से तालाब में तब्दील हुआ ललित बस स्टैंड

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सीवान ।शहर का एकमात्र चर्चित ललित बस स्टैंड जहां हमेशा नाली और बारिश के पानी से जल जमाव बना रहता है, वहाँ से आने जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क पूरी तरह गड्ढो में तब्दील है जिसकी वजह से लोगों के जानमाल की क्षति भी हो रही है। मुख्य मार्ग से जुड़ा होने की वजह से ज्यादातर छोटे-बडी वाहनों पर आने-जाने वाले लोग दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं।हालांकि, सड़की की मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित विभाग से निवेदन किया गया है,पर कोई भी कारगर कदम सम्बंधित बिभाग द्वारा नही उठाया गया।
वहीं ललित बस स्टैंड होकर जाने वाले मुहल्ले खुर्माबाद का हाल और भी बेहाल है।बतादे की आज की स्थिति यह है की कभी भी कोई साइकिल सवार ,पैदल वाला,कभी ठेलेवाले,कभी बाइक सवार, दुर्घटना के शिकार हो जा रहे है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी व सरकार को इसे दुरुस्त करने की चिंता नहीं है।मानो उन्हें किसी बड़े दुर्घटना का ही इंतजार हो।हालांकि यहां बार-बार मिट्टी बालू जरूर डलवाया जाता है पर पानी जमाव के कारण एक-दो दिन से ज्यादा वह टिक नही पाता। नाली व बारिश के पानी से मिट्टी बहने के कारण फिर से गड्ढा बन जाते है। लोग कई बार बस स्टैंड के पास रोड की हालत सुधारने की मांग भी संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी चुके है। लेकिन विभाग द्वारा खस्ता हालत सड़क को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा हैं।रोड पर कीचड़ और पानी जमा होने के कारण दो पहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।साथ ही नगर निगम के कर्मचारी कुडा-कचरा सड़क किनारे फेंक कर चले जा रहे हैं जिससे मुहल्लावासियों का जीना दुश्वार हो गया है।

क्या कहते हैं मुहल्लावासी

खुर्माबाद के रहने वाले अनिल कुमार श्रीवास्तव,डॉक्टर रजनीश कुमार वर्मा,मनोज कुमार अनूप समेत अन्य लोग बताते हैं कि शहर में जाने के लिए मुहल्लावासियों का एकमात्र यही रास्ता है।बारिश के मौसम में सड़क पर चलना दुश्वार हो जाता है, बहुत बार लोग गिरकर घायल हो चुके हैं।साथ ही नगर निगम द्वारा फेंके गए कचरे से निकल रहे बदबू के कारण आम लोगों में अनेक प्रकार की बिमारियों का खतरा बढ़ गया है।सड़क समस्या की मुद्दा उठाए वर्षो हो गये। चुनाव के वक्त सड़क बनवाने व समस्या से निजात दिलाने की बात प्रतिनिधि व नेताओं की द्वारा कही जाती है।लेकिन वोट लेने के बाद,सुनता है कौन किसकी जैसी बात आ जाती है।प्रतिनिधि और नेताओं के द्वारा सिर्फ आश्वासन देकर बड़े बड़े पुलिंदे बांधा जाता है कि चुनाव जितने के प्रश्चात सबसे पहले गाँव की सड़कें ही बनाई जाएगी, लेकिन चुनाव जितने के उपरांत हमारी तुम्हारी रिश्ता क्या है। जैसी बात सामने आती है।