बच्चो को शिक्षित कर देश का अच्छा नागरिक बनाये-सांसद हरिनारायण राजभर
दैनिक खोज खबर से विशेष वार्ता
शीतल प्रसाद गुप्ता
बलिया (यूपी) 3 जुलाई। सीयर के माटी के लाल एव घोसी के सांसद हरिनारायण राजभर ने “दैनिक खोज खबर” के विशेषवार्ता मे कहा कि शिक्षकों व शैक्षणिक संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी है,कि वो बच्चों को शिक्षित व संस्कारित करके देशका अच्छा नागरिक बनाये। उन्होने शिक्षा देने के कार्य को समाज की सेवा करने का एक अच्छा अवसर बताते हुये इसकी गरिमा को बनाये रखने की जरूरत पर बल दिया।
“दैनिक खोज खबर” से उन्होंने ने कहा कि कुछ विद्यालयों में प्रतिवर्ष बच्चों की ड्रेस व कोर्स की कितावें बदल दी जाती है। जिससे ड्रेस व कितावें पीछे की कक्षा में पढने वाले बच्चों के प्रयोग में नहीं लायी जा पाती।इससेअभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक भार बढता है ।इसके अतिरिक्त यह भी शिकायतें प्राप्त होती है कि कुछ विद्यालयों द्वारा भवन शुल्क विकास शुल्क आदि के रूप में बच्चों के प्रवेश के समय धनराशि ली जाती है और उसकी रसीद भी नही दी जाती।जिन-जिन विद्यालयों में ऐसा हो रहा है वो इसे तत्काल बन्द कर दे और शिक्षा के पवित्र पेशे की पवित्रता बनाये रखें और अभिभावको का शोषण न होने दे।
सांसद हरिनारायण राजभर ने कहा कि सरकार ने अब प्राइवेट स्कूलों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। जिसके तहत प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि दुर्बल आय वर्ग के परिवारों के बच्चों को निशुल्क एडमिशन दें। सांसद हरिनारायण राजभर ने कहा कि शिक्षा एक समाज सेवा है।इस पवित्र कार्य को करने वाले स्कूल संचालक यहसुनिशि्चत करें।समाज के दुर्वल वर्ग के बच्चों को अपने विद्यालयों में निर्धारित संख्या में प्रवेश दिलाये।
मऊ के निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।इसी के तहत आज रविवार को मऊ के कलेक्ट्रेट सभागार में घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद हरिनारायन राजभर की अध्यक्षता और जिला विद्यालय निरीक्षक डा. विनोद राय के संचालन में निजी पब्लिक स्कूलों के प्रबंधकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें छात्र को स्कूल में एक बार प्रवेश देने के नाम पर फीस वसूलने के बाद दोबारा प्रवेश शुल्क न लेने पर प्रबंधकों ने सहमति जताई।यही नहीं सांसद और डीआइ ओएस ने प्रबंधकों को सीधा निर्देश दिया कि कापी, किताब और ड्रेस बेचने का कारोबार तत्काल बंद करना होगा ।
सांसद हरिनारायन ने बताया कि पब्लिक स्कूलों के प्रबंधकों को सीधी चेतावनी दी गई कि शिक्षाका अधिकार कानून की सभी धाराओं का अनुपालन अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके तहत पब्लिक स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब छात्रों को प्रवेश देकर उन्हें मुफ्तमें शिक्षा देनी होगी। कहा कि यह भी तय किया गया कि पब्लिक स्कूलों में एनसी ईआरटी से प्रकाशित पुस्तकों के इतर कोई पुस्तक नहीं पढ़ाई जाएगी ।यदि निजी प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं तो इसके लिए प्रबंधक स्वयं जिम्मेदार होंगे। डीआइओएस डा. विनोद राय ने बताया कि री-एडमिशन फीस न लेने के लिए सभी प्रबंधकों ने सहमति जताया है। यदि कहीं किसी पब्लिक स्कूल से किसी अभिभावक की शिकायत मिलती है तो संबंधित पब्लिक स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विजय शंकर यादव, अरशद जमाल, बीडी सिंह, संजय सिंह, विजय अग्रवाल, राकेश गर्ग आदि कई स्कूलों के प्रबंधक उपस्थित रहे।
सिर्फ 12 पब्लिक स्कूल मान्यता प्राप्त
जिले भर की गली में, घर में, मकान में, दुकान में, कटरा में भले ही 200 से ज्यादा पब्लिक स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन कड़वी हकीकत यह है कि सिर्फ 12 स्कूल ही सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। डीआइओएस डा. विनोद कुमार राय ने बताया कि जल्द ही गैर विधिक ढंग से चलाए जा रहे स्कूलों पर शिकंजा कसने की रणनीति तैयार की जाएगी।




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