मांझी। नंदलाल सिंह महाविद्यालय जैतपुर-दाउदपुर के परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में प्राचार्य डॉ केपी. श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शनिवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125 वीं जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर “स्वतंत्रता संग्राम में बोस के योगदान” विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। अपने वक्तव्य में प्राचार्य श्री श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार नेताजी सुभाषचंद्र देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। विद्यार्थियों को नेताजी की स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और उनकी जीवन-संघर्ष गाथा जरूर पढ़नी चाहिए। उन्होंने हमेशा अन्याय के आगे कभी न झुकने और एकजुट होकर खिलाफत करने का संदेश दिया। डॉ दिनेश पाल ने कहा कि नेताजी को अपने देश से अटूट प्रेम था। जो देश को आजादी दिलाने के लिए आजाद हिंद फौज का गठन कर कुशल नेतृत्व दिया था। जिसने अंग्रेजी फौज में हड़कंप मचा दिया था। गोष्ठी में डॉ आफताब आलम, डॉ श्रीभगवान ठाकुर, श्री जीडी. राठौड़, डॉ आशीष कुमार, डॉ उपेंद्र कुमार, डॉ. इन्द्रकांत बबलू, डॉ मनोज कुमार, डॉ अशीष प्रताप सिंह, डॉ सुनील सिंह, डॉ इन्दु कुमारी, डॉ धनंजय सिंह, डॉ शम्भूनाथ, श्री वसीम रजा, रमेश कुमार आदि ने भी अपना विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ दिनेश पाल व धन्यवाद ज्ञापन राकेश कुमार ने किया। वहीं मांझी के शनिचरा बाजार में श्री राम दरबार सेवा समिति के तत्वावधान में महान क्रांतिकारी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर उनके तैल-चित्र पर पुष्प माला अर्पित किया गया और मिठाईयां बांटी गई। मौके पर जिला पार्षद अभिषेक कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, कमल कुमार, प्रमोद कुमार सारस्वत, पूजा शर्मा, विद्यावती देवी, विनोद प्रसाद, ललित मोहन शर्मा, निर्मल पाण्डेय, सुधांशु कुमार दुबे, प्रणव पाठक, व्यास दीपक शर्मा, अरुण शर्मा, शमीम हैदर आदि मौजूद थे।