किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री कैंप में पहुंच कर कराया फार्मर रजिस्ट्रेशन

दैनिक खोज खबर/सोनपुर। सरकार ने बिहार के हर जिले सहित सोनपुर में भी किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की गई है। अब किसान अपनी फार्मर आईडी और ई-केवाईसी गांव के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी बनवा सकेंगे। यह जानकारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभिनव यादव ने रविवार के पंचायत में लगे फार्मर रजिस्ट्री कैंप के निरीक्षण के दौरान दी। उन्होंने कहा कि किसान अपने गांव में ही सीएससी सेंटर पर जाकर यह सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करना है। फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य हैं। इनमें भूमि से संबंधित दस्तावेज (स्वयं के नाम का जमाबंदी), ऑनलाइन लगान रसीद, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर शामिल हैं। रविवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की कुल 19 पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किए गए। इन कैम्प में कुल 500 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हुई, जबकि 450 किसानों की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक की गई। वही शनिवार क़ो 350 फार्मर रजिस्ट्री हुई जबकि 500 ई-केवाईसी सफलतापूर्वक की गयी. फार्मर आईडी किसानों की डिजिटल पहचान है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से असानी से किसानों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे योजनाओं के लाभ में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।किसान अपनी फार्मर आईडी बनी है या नहीं, इसे ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए उन्हें बिहार एग्रीस्टैक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा
वही दर्जनों किसानों ने बताया कि पिता, दादा के नाम से जमाबंदी होने के कारण वे लोग फार्मर रजिस्ट्री नहीं कर पाए हैं. कर्मचारियों द्वारा बताया गया है कि जिनके नाम से स्वयं जमीन हो एवं उनके नाम से जमावन्दी चल रही हो उन्हीं को फार्मर रजिस्ट्री होगा. जमाबंदी में नाम नहीं होने के कारण सैकड़ो किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित होकर निराशा घर लौट गए। किसानों को कहना है कि सरकार पहले पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर भूमि के रैयतो के वंशावली के आधार पर जमाबंदी में नाम दर्ज कराये जिससे किसान सरकारी लाभ लेने से वंचित न हो।




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