मृगांक शेखर सिंह जमुई (बिहार)

मुंगेर डीआईजी मनु महाराज के निर्देश पर नक्सलियों के विरुद्ध एक विशेष अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में लखीसराय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, जमुई पुलिस अधीक्षक पीके मंडल ने अपने-अपने जिले में इस अभियान का निर्देशन किया और कोबरा बटालियन के कमांडेंट रविशंकर कुमार ने अपनी टीमों का निर्देशन किया।

इस अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक अभियान लखीसराय अमृतेश कुमार,अपर पुलिस अधीक्षक अभियान जमुई सुधांशु कुमार, 131 बटालियन एवं 215 बटालियन CRPF, 16 बटालियन SSB, STF चीता बसुआचक के कमांडरों ने किया। इस अभियान के केंद्र लखीसराय और उसके आसपास के क्षेत्र रहें जिनमें बरमसिया, बिचला टोला, बांकुरा, हदहदिया, मनियारा, हनुमानस्थान, दुग्धम, काशीटोला, शीतला टोला, कानिमोह, कछुआ, सतघरवा, महजनवा , पंचभूर , मुशहरिटांड, गुरमाहा, चोरमारा, बरहट, मोरवे डैम और सम्बंधित जंगली और पहाड़ी इलाके थे।
अभियान के दौरान लखीसराय पुलिस और 207 कोबरा की टीम बरमसिया के जंगल में पहुंची तो अचानक 20-25 की संख्या में कुछ संदिग्ध जंगल की ओर भागने लगे।पुलिस ने उनका पीछा किया और सावधानी के साथ पूरे एरिया की घेराबंदी किया।सर्च के दौरान एक संदिग्ध को सामानों के साथ पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसके नक्सल कैडर होने की पुष्टि हुई। गिरफ्तार नक्सली की पहचान जमुई के तेतरिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के सुनील साह के 19 वर्षीय पुत्र मोनू कुमार साह के रूप में की हुई।
गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ के क्रम में नक्सलियों की गतिविधियों के संदर्भ में अनेक जानकारियां मिली। मोनू ने बताया कि सभी बड़े नक्सली बरमसिया इलाके में विधानसभा के दौरान कुछ वारदात को अंजाम देने देने हेतु योजना बनाने के लिए जमा हुए थे। पूछताछ के दौरान उसने श्रृंगी ऋषि धाम मंदिर के पुजारी नीरज झा की हत्या के संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।
उसने कुछ षड्यंत्रकारियों और उनकी हत्या में शामिल नक्सलियों के नाम बताए हैं। इसके अलावा नक्सलियों के विरुद्ध यह छापेमारी अभियान जारी रहेगा।