
द्वि-दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला में स्मार्ट क्लास चलाने के दिए गए तकनीकी टिप्स
#छपरा शहर के बी. सेमिनरी व ब्राह्मण हाई स्कूलों में आयोजित प्रशिक्षण में 36 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 144 प्रधानाध्यापक व शिक्षक हुए शामिल
छपरा (सारण)। उन्नयन बिहार कार्यक्रम के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जिले के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों से चयनित प्रधानाध्यापक सहित चार शिक्षकों का द्वि-दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण की शुरुआत शहर के बी. सेमिनरी उच्च विद्यालय व एलएनबी उच्च विद्यालय में आयोजित हुई।
इस मौके पर मास्टर ट्रेनर नसीम अख्तर द्वारा सभी प्रशिक्षुओं को उन्नयन बिहार कार्यक्रम के उद्देश्य व संचालन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक शिक्षण प्रणाली से छात्र-छात्राओं के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। साथ ही साथ इस तकनीक के माध्यम से हमारे विद्यालय के छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षाओं में
अधिक से अधिक अंक प्राप्त कर रहे हैं।
फिलहाल यह स्मार्ट क्लास नवम् व दशम् वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए ही संचालित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के तहत चयनित 36 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, एक विज्ञान शिक्षक व एक गणित शिक्षक के अलावा एक नोडल शिक्षक के रुप में वैसे शिक्षक जो कंप्यूटर अथवा स्मार्ट मोबाइल फोन के बारे में अच्छी जानकारी रखते हों, उन्हें प्रशिक्षण दिया गया।
बी. सेमिनरी उच्च विद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर नसीम अख्तर ने अपने संबोधन में कहा कि पढ़ाई की नयी तकनीक “स्मार्ट क्लास” छात्र-छात्राओं के बीच अवश्य ही एक क्रांति लेकर आएगी।
उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि “उन्नयन बिहार” भविष्य में “उन्नयन इंडिया” बनेगा।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला का निरीक्षण करने पहुंचे डीपोओ- समग्र शिक्षा, अमरेंद्र कुमार गौड़ द्वारा
उन्नयन बिहार कार्यक्रम के प्रशिक्षु शिक्षकों को बताया गया कि वे स्मार्ट क्लास में कैसे बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराएंगे, और उन्हें उत्प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके दौरान कुछ आधुनिक व मनोवैज्ञानिक प्रयोगों से संबंधित वीडियो क्लिप किसी खास विषय के किसी खास चैप्टर से संबंधित छात्र-छात्राओं को दिखाएंगे। इसके आधार पर बच्चों से डेली टेस्ट के तहत पांच-पांच वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछेंगे। इसके बाद कॉपी की जांच अगल-बगल के अन्य बच्चों से टीवी स्क्रीन पर दिखाए गए सही उत्तर से मिलान करते हुए जांच करने को बोलेंगे। जिस बच्चे का सभी उत्तर सही होगा, उस बच्चे को प्रोत्साहित किया जाएगा। जबकि जिसका अंक कम होगा, उसके बैद्धिक स्तर की पहचान कर उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही इससे अगले दिन कम अंक पाने वाले बच्चों में भी प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होगी।
प्रशिक्षण कार्यशाला का संचालन परियोजना पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने किया।
इस मौके पर डीपीओ-समग्र शिक्षा अमरेंद्र कुमार गौड़ के अलावा अजय कुमार, मुकेश मिश्रा, राजीव कुमार आर्य सहित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय गौसपुर की प्रधानाध्यापिका वीणा सिंह, नोडल शिक्षक कमल कुमार सिंह, गणित व विज्ञान शिक्षक क्रमशः ओम प्रकाश यादव, योगेश सिंह, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय नवतन के प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार उपाध्याय आदि शहर के दो अलग-अलग स्कूलों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाओं में लगभग 144 प्रतिभागी प्रधानाध्यापक, नोडल, गणित व विज्ञान शिक्षकगण शामिल हुए।




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