तरैया के खदरा नदी पर 2 करोड़ 47 लाख की लागत से होगा पुल निर्माण,विधायक ने किया शिलान्यास

तरैया(सारण) 07.03.2020

              स्थानीय विधायक मुद्रिका प्रसाद राय ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में 31 जनवरी 2017 को  मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था मुद्दा

तरैया बाजार को प्रखण्ड मुख्यालय,थाना,रेफरल अस्पताल व अन्य गांवों को जोड़ने वाली खदरा नदी पर बना जर्जर ब्रिटिशकालीन पुल का अब कायाकल्प होने वाला है।शनिवार को विधायक मुद्रिका प्रसाद राय ने पुल के नव निर्माण के लिए शिलान्यास किया। 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार 870 रुपये की लागत से पुल का निर्माण होगा। पुल की लंबाई 34.22 मीटर है।शिलान्यास के बाद विधायक ने बताया कि उक्त कार्य ग्रामीण कार्य विभाग करायेगी। ज्ञातव्य हो कि 31 जनवरी 2017 को सारण जिला समाहरणालय में आयोजित सारण,सिवान और ग़ोपालगंज के जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में स्थानीय विधायक मुद्रिका प्रसाद राय ने यह मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठायी थी।जिसके आलोक में यह मंजूरी मिली है।ब्रिटिशकालीन यह पुल सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा था।प्रखण्ड मुख्यालय से सैकड़ो गाँवो को यह पुल जोड़ता है।पुल ध्वस्त होने पर बाजार सहित कई गाँवो और अनुमंडल का भी संपर्क प्रखण्ड मुख्यालय से कट जाएगा।बाढ़ के समय यह पुल खतरे की घंटी बजा रहा था।किंतु बाल-बाल बच गया।पुल के निर्माण होने से ग्रामीणों की सारी समस्याएं दूर हो जाएगी। उक्त मौके पर विधायक के निजी सचिव अशोक राय,बीर बहादुर राय,रविन्द्र राय, मो.फकुरुद्दीन,विजय राय, रामेश्वर सिंह,मुन्ना यादव,सुनील यादव व अन्य उपस्थित थे।

बड़े वाहन जब पार करते है तो कांपता है ब्रिटिशकालीन पुल

जब बड़े वाहन इस पुल से होकर जाते है तो पुल कांपता है।जिसे देख ऐसा लगता है कि कही पुल ध्वस्त न हो जाय।बाढ़ के समय बीडीओ ने इस पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया था।आय दिन बालू से लदे बड़े-बड़े ट्रक इसी पुल को पार कर रामकोला बालू स्टेंट में आते जाते है।जिससे पुल और अधिक नाजुक स्थित मे पहुँच गया है।वही दूसरी तरफ लोक स्वस्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा पानी का पाइप बिछाने के लिए पुल के किनारे गढ़े खोदे थे।जिसमें पाइप डालकर ठीक ढंग से मिट्टी नही भरा गया।जिससे पुल के आस-पास का मिट्टी बरसात के दिनों में बह गया है।जिससे पुल और अधिक जर्जर हो गया है।जबकि इसी पुल से थाना से लेकर प्रखण्ड मुख्यालय तक सभी आला अधोकरियो का आना-जाना होता है।इस पुल से होकर प्रखण्ड मुख्यालय तक जानी वाली सड़क भी काफी जर्जर हो चुका है।जिससे आम जनों को काफी परेशानी हो रही है।खासकर रेफरल अस्पताल मरीजो को अस्पताल आने-जाने में काफी परेशानी होती है।अब इस पुल के निर्माण से लोगों का सहूलियत होगी।