भारत की पुनर्खोज कार्यक्रम में गायत्री मंत्र की व्याख्या करते बोले वेदज्ञाता प्रो. राय

रसूलपुर(सारण)।जेएनयू जैसे शिक्षण संस्थान भारतीय संस्कृति के विरूद्ध अपने छात्र छात्राओं को शिक्षा दे रहे हैं।यों कहें कि जेएनयू छात्रों में सीखे गये भारतीय संस्कृति को भूला देने का काम करता है।उक्त बातें देश के जाने माने वेदज्ञाता आचार्य प्रो. सत्यदेव राय पराशर ने कही।भारत की पुनर्खोज नाम के कार्यक्रम में सोशल मीडिया के एक टीवी चैनल के दिये साक्षात्कार में रक्षा मंत्रालय के संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त होकर देश के धर्म-समाज के क्षेत्र में सेवा कर रहे आचार्य प्रो सत्यदेव राय पराशर ने कहीं।उन्होंने कार्यक्रम में साक्षात्कार ले रहे सुशील भारती के एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत के स्कूलों में जरूरी है वेदों पर आधारित शिक्षा देना।गायत्री मंत्र की शास्त्र व व्याकरण सम्मत व्याख्या करते प्रो पराशर ने अंगरेजी व संस्कृत में धाराप्रवाह बोलते कहा कि ऋषियों ने इस तरह के मंत्रों को देखा था वे सब ऋषि द्रष्टा थे।समाधि के माध्यम से इन मंत्रों से साक्षात्कार कर वेदों में समाहित किया।इसलिए बिना अर्थावबोध के मंत्रों को पढ़ना बेमानी सिद्ध होता है।